CM Yogi: छोटे बच्चे से 'शिव तांडव' सुन गदगद हुए योगी आदित्यनाथ, वीडियो देख आप भी हो जाएंगे मंत्रमुग्ध
CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने शिव तांडव सुनाते एक बच्चे का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। प्रयागराज में सीएम योगी एक कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे जहां मंच पर एक छोटे से बच्चे ने सीएम के सामने शानदार शिव तांडव की प्रस्तुति दी है।
सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अक्सर सीएम योगी को कार्यक्रमों में बच्चों के साथ देखा जाता है जिसे लोगों से खूब सराहना मिलती है।

सीएम के सामने मंच पर शिव तांडव का पाठ करते इस बच्चे को देख कर आप भी मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। सोशल मीडिया यूजर्स बच्चे के इस टैलेंट की काफी तारिफ कर रहे हैं और उसके आत्मविश्वास की दाद दे रहे हैं। आप भी जब कानों को प्यारा लगने वाले इस वीडियो को सुनेंगे तो तारिफ करने से पीछे नहीं रहेंगे।
इससे पहले भी प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 के दौरान, इटली से आए महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। इस अवसर पर, इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री के समक्ष 'शिव तांडव स्तोत्र' और रामायण के अंशों का सस्वर पाठ किया, जिससे मुख्यमंत्री बेहद प्रभावित हुए थे और उन्होंने उनकी खूब सराहना भी की थी।
हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहार एवं सृजन के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। शिव तांडव स्तोत्र और शिव तांडव नृत्य का विशेष महत्व है। यह नृत्य केवल कला ही नहीं बल्कि सृष्टि की उत्पत्ति और विनाश का भी प्रतीक है।
CM Yogi: क्या है शिव तांडव?
शिव तांडव हिंदू धर्म का एक नृत्य मंत्र है जिसको भगवान शिव का दिव्य नृत्य माना जाता है। यह दो प्रकार का होता है - 'रुद्र तांडव' और 'आनंद तांडव'। रुद्र तांडव विनाश एवं संहार का प्रतीक है, जबकि आनंद तांडव सृजन और पुनर्जन्म को दर्शाता है। शिव तांडव स्तोत्र, जो लंका के राजा रावण द्वारा रचा गया था, भगवान शिव की महिमा का गुणगान करता है। यह स्तोत्र उनकी शक्ति, सौंदर्य और अनंत ऊर्जा का बखान करता है।
शिव तांडव का महत्व
सृष्टि चक्र का प्रतीक: हिंदू मान्यता के अनुसार, शिव तांडव सृष्टि के निर्माण और उसके विनाश के चक्र को दर्शाता है। यह ब्रह्मांड के निरंतर परिवर्तन की प्रक्रिया को उजागर करता है।
आध्यात्मिक जागृति: इस नृत्य को देखने और शिव तांडव स्तोत्र के पाठ से आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
न्याय और संतुलन का संदेश: शिव का तांडव दर्शाता है कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रिया होती है, और यह संसार कर्मों के नियमों पर आधारित है।
संस्कृति और कला का प्रभाव: नृत्य, संगीत और भक्ति का संगम होने के कारण, शिव तांडव भारतीय कला और संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
वर्तमान में शिव तांडव की लोकप्रियता
आज भी शिव तांडव स्तोत्र को कई संगीतकारों और गायकों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। यह स्तोत्र भक्ति संगीत और ध्यान साधना का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। इसके अलावा, शिव तांडव की भाव-भंगिमा को नृत्य के रूप में भी प्रस्तुत किया जाता है, खासकर भरतनाट्यम और कथक में इस पर शानदार प्रस्तुति दी जाती है।












Click it and Unblock the Notifications