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PHOTOS: सामने आया यूपी का सबसे अनोखा स्कूल, शाही ट्रेन जैसे परिसर में पढ़ते हैं यहां के बच्चे

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हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ से बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी बहुत दिलचस्प खबर आई है। खबर ये ​कि बच्चे खेलने के साथ-साथ मन लगाकर पढ़ते रहें, इसके लिए एक 'ट्रेन' में उनका स्कूल चलता है। यानी, स्कूल से बच्चों को ट्रेन का मजा तो आता ही है, साथ ही अभिभावकों को उनकी पढ़ाई से जुड़ी शिकायतें भी नहीं रहतीं। हापुड़ में ये स्कूल एक गांव में खुला है, जहां शिक्षकों ने बच्चों का बराबर सहयोग किया। जानिए, इस स्कूल की कहानी, तस्वीरों सहित...

रेलगाड़ी सा बनाया गया स्कूल

रेलगाड़ी सा बनाया गया स्कूल

सुनने में आपको पहली बार शायद यकीन न हो, लेकिन ये सच है। सिम्भावली विकास खंड के गांव अट्टा धनावली में बच्चे प्रतिदिन स्कूल आते हैं और रेलगाड़ी जैसे परिसर में बैठकर पढ़ाई करते हैं। स्कूल को ऐसा आकार देने के पीछे बच्चों की ही जिद है। बच्चे अक्सर रेलगाड़ी में बैठने की बातें अपने पेरेंट्स से करते थे। ऐसे में गांव के सरकारी विद्यालय को रंग-रोगन कर उसे रेलगाड़ी का आकार दिया गया।

कमरे हैं डिब्बे जैसे

कमरे हैं डिब्बे जैसे

ग्राम प्रधान के पति और जिला पंचायत सदस्य के.के. हूण के प्रयासों के कारण सरकारी विद्यालय को आर्कषक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने स्कूल का सौंदर्यकरण कराया। स्कूल के कमरों व रेलगाड़ी का स्वरूप दिया गया है। इसे देख बच्चे स्कूल की ओर आकर्षित होने लगे हैं। अब गांव के नौनिहाल कहते हैं कि वह तो रेलगाड़ी वाली स्कूल में पढ़ाई करेंगे।

पहले बहुत कम थी छात्र संख्या

पहले बहुत कम थी छात्र संख्या

गांव के इस विद्यालय में छात्र संख्या पहले बहुत कम थी। बच्चों को निजी स्कूलों में भेजा रहा था। इस परिस्थिति को बदलने के लिए ग्राम प्रधान माधवी सिंह और उनके पति के.के. हूण ने मिलकर स्कूल के प्रधानाचार्य और ग्रामीणों के साथ बैठक की। बाहर से अनुभवी कलाकार बुलाए। विद्यालय भवन के कमरों को ऐसा लुक दिया कि पूरी स्कूल रेलगाड़ी की तरह दिखाई दे। स्कूल के इस आकर्षक स्वरूप के कारण इस स्कूल में बच्चों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

कमरों के आगे बनाया डिजाइन

कमरों के आगे बनाया डिजाइन

कमरों के आगे विभिन्न डिजाइन बनाकर उसके ऊपर शिक्षा एक्सप्रेस लिखकर हर कमरे का अलग-अलग नाम दिया है। बच्चे इसे देखकर प्रभावित हुए एवं स्कूल में दिन प्रतिदिन छात्र संख्या बढ़ने लगी। इसके साथ प्रधानाचार्य हर समय स्टाफ को साथ लेकर स्कूल की सफाई के काम सहित पेड़-पौधों की देखभाल करते हैं।

क्या कहते हैं जिला पंचायत सदस्य

क्या कहते हैं जिला पंचायत सदस्य

''मेरे मन में कुछ नया करने की रहती है। रंग-रोगन कर रेलगाड़ी का लुक दिया तो बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी होने लगी। भविष्य में जन सहयोग से मैदान में प्लेटफार्म बनाने की योजना है।''

- कृष्णकांत हूण, सदस्य, जिला पंचायत

छात्र संख्या तेजी से बढ़ रही

छात्र संख्या तेजी से बढ़ रही

क्षेत्र में निजी स्कूलों का दबदबा है। संचालक एक-एक बच्चे के लिए संपर्क करके छात्र संख्या बढ़ाने में लगे हैं। वर्षों से सरकारी स्कूलों की छात्र संख्या में कमी आ रही थी, लेकिन इस बार गांव की सरकारी स्कूल में छात्र संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक बेहतर स्थिति है।

- माधवी सिंह, ग्राम प्रधान, अट्टा धनावली

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English summary
Children get education by sitting in a train at hapur, uttar pradesh
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