पीएम मन की बात करते हैं ,मैं दिल की बात करना चाहता हूं- चीफ जस्टिस
जस्टिस खेहर ने कहा कि जजों की संख्या कोर्ट में लंबित मामलों की तुलना में काफी कम है।
इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं।

उन्होंने कहा कि पहले भारतीय नागरिक जिन्हें चीफ जस्टिस ऑफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के बतौर न्यायिक सेवा करने का मौका मिला वे थे शाह मोहम्मद सुलेमान। शाह मोहम्मद सुलेमान 1932-37 तक इस पद पर थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 जज सुप्रीम कोर्ट के जज बने
जस्टिस खेहर ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के 20 जज सुप्रीम कोर्ट के जज बनें। उन्होंने कहा कि जज बिना थके लगातार काम करते हैं, लेकिन जजों की कमी की काफी दिक्कत है। उन्होंने कहा कि अकेले लखनऊ बेंच में 2 लाख मामले लंबित हैं। जस्टिस खेहर ने कहा कि जजों को पांच दिन अधिक काम करने की जरूरत है, जिससे अधिक से अधिक मामलों को निपटाया जा सकता है।
लंबित मामलों की तुलना में काफी कम
जस्टिस खेहर ने कहा कि जजों की संख्या कोर्ट में लंबित मामलों की तुलना में काफी कम है। सवाल यह है कि यह बात कर सकने की है या नहीं करने की है, होने की है या ना होने की है। माननीय प्रधानमंत्री जी बार-बार अपने मन की बात करते हैं, हम आज अपने दिल की बात करते हैं, यह बात एडीक्वेसी और इन एडीक्वेसी की है, इस में छिपा हुआ है एक सवाल सफलता और एक सवाल विफलता का, जिंदगी की सफलता एक इंसान की हो, एक संस्था की हो या एक देश की हो, यह उसी पर निर्भर करती है कि आप अपनी एडीक्वेसी को कैसे डील करते हो।
साझा किया स्कूल का अनुभव
हम इस देश में क्रिकेट के बड़े फैन हैं, क्रिकेट में टर्निंग प्वाइंट, डिफाइनिंग मूवमेंट की बात होती है, लेकिन सवाल यह है कि इस टर्निंग प्वाइंट और डिफाइनिंग मूवमेंट में हमें क्या करना है। जब मैं बच्चा था तो नर्सरी स्कूल में गया जो सबसे अच्छा था, जिसके बाद हमें प्राइमरी स्कूल में ले जाया गया जहां मैं परफेक्ट नंबर लाया, मां-बाप बहुत खुश हुए और हमें पहली नहीं दूसरी कक्षा में भेजा गया। जब मैं वहां गया तो बच्चे बड़े हैं तो हम उनके साथ कैसे आगे चल सकते हैं।
मैं तीसरी कक्षा में गया तो हमारे खुंखार शिक्षक थे
जब मैं तीसरी कक्षा में गया तो हमारे खुंखार शिक्षक थे, उन्होंने भूगोल का एक पाठ पढ़ कर आने को कहा, हम पढ़कर आए। फिर शिक्षक ने मुझे बुलाया और कहा कि क्या आप जानते हैं स्लीपिंग सिकनेस जो करता है उसे जानते हो, मैंने बताया कि वह TSETSE है। यह कीटाणु रीढ़ की हड्डियों वाले जानवरों पर हमला करता है।
मेरे टीचर ने कहा कि मैं फेल हो जाउंगा
इसके बाद हमारे टीचर बहुत खुश हुए, लेकिन टेसीटेसी मख्खी नहीं होती है, वह सेक्सी फ्लाइ होती है, यह टर्निंग फ्लाई थी। जब आठवीं कक्षा में पहुंचा तो मैं भारत लौटा, यहां मेरा नीचे बैठाकर टेस्ट लिया गया, यहां की पढ़ाई काफी अलग थी, लेकिन मुझे एडिमिशन दे दिया गया, मैंने पहली बार क, ख, ग पढ़ा, तो हमारे एक बड़े अच्छे टीचर थे। मेरे टीचर थे ज्ञानी जी, उन्होंने मुझे बहुत डांटा बोले आपको कुछ नहीं आता, वह गणित के टीचर थे, मैंने अपने पिता को बताया कि उन्होंने मुझे बहुत डांटा। जब पिताजी उनके पास गए तो उन्होंने कहा कि इस बच्चे को कुछ नहीं आता यह फेल हो जाएगा। टीचर ने कहा कि इसे मेरे पास ट्यूशन के लिए भेजो।
मुझे बहुत कुछ सीखना है
जैसे स्कूल खत्म होता था तो मैं उनके घर जाता था, वह मुझे गणित पढ़ाते थे, फिर मुझे अपनी बहन के पास भेजते थे जो पंजाबी पढ़ाते थे। आखिरकार मैंने लॉ कर लिया, फिर मैंने सोचा कि मास्टर बनुंगा, फिर मैंने सोचा कि वकील बनुंगा। फिर मैंने काफी मेहनत की काम चल पड़ा, फिर मैं जज बना, तब मैने सोचा कि अब हमें सबकुछ आता है। उस वक्त मैं राजस्थान गया तो देखा एक छोटा सा आदमी था मैंने सोचा इसे किसने जज बना दिया। फिर उसने मुझे बेअरर एक्ट दिखाया, मैने कहा कि आप सही हैं मैं गलत हूं। फिर मैं समझ गया कि अभी बहुत कुछ सीखना है। मुझे बहुत कुछ वकीलों ने सिखाया है।
जज पांच वेकेशन में बैठे
जजों की कमी पर बोलते हुए जस्टिस खेहर ने कहा कि जो है सो है, लेकिन अब सोचना यह है कि जो है सो है, हम ऐसे में क्या कर सकते हैं। हमने छोटे मामलों को जजों के पास एक साथ 10-10 भेजने शुरु कर दिए। कुछ थोड़ा लंबा समय लेते हैं, लेकिन हर रोज 10 केस लाजमी है। मैं विचार कर रहा था कि अगर एक जज सिर्फ 5 दिन वेकेशन में बैठे, उसके पास छोटे-मोटे मामले हो, तो हर जज 20-25 केस कर लेगा।
कोर्ट में कई मामले इगो के मामले
अगर एक जज एक दिन में 20-25 केस करता है, ऐसे में सभी 80 जज तकरीबन 20 हजार तक मामले कर सकता है। इस तरीके से हम कई हजार मामलों को निपटा सकते हैं। कोर्ट में कई मामले इगो के मामले होते हैं। जस्टिस खेहर ने कहा कि एक मामला है तीन तलाक का, लोगों का जो विश्वास है कि उनके क्या हक हैं वह डिफाइन होगा, असम के लोगों की नागरिकता का मामला है, कि वो भारत का नागरिक है कि नहीं। यह सब मामले हमारे पास हैं।
-
PM Modi Rahul Gandhi video: लोकतंत्र की सुंदर तस्वीर! फुले जयंती पर PM मोदी-राहुल गांधी की मुलाकात ने जीता दिल -
गोंडा में दुखद घटना: बिजली का तार गिरने से व्यक्ति की मौत -
Doon Lit Fest 2026: देहरादून में सजा साहित्य-सिनेमा का महाकुंभ, इम्तियाज अली समेत कई दिग्गज शामिल -
Asha Bhosle का राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार, आशा ताई के निधन पर PM Modi हुए इमोशन, लिखी भावुक बातें












Click it and Unblock the Notifications