वंशवाद की ओर बसपा: मेरठ रैली में मायावती के साथ हाथ जोड़ खड़ी हुई अगली पीढ़ी

वंशवाद की ओर बसपा के बढ़ते कदम, मायावती की मेरठ रैली में दिखे उनके भाई और भतीजे, दोनों को 2019 में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो सियासी मैदान में जिस तरह से लगातार एक के बाद एक तीन बड़े चुनाव हार चुकी है, उसके बाद उनका राजनीतिक अस्तित्व खतरे में है। अपने इसी राजनीतिक जमीन को फिर से मजबूत करने के लिए मायावती ने सोमवार को मेरठ में विशाल रैली को संबोधित किया। मायावती की इस रैली में एक खास बात यह भी दिखी की लोकसभा चुनाव में पार्टी में सक्रिया भूमिका निभाने वाले मायावती के भाई और उनका भतीजा मंच पर नजर आया। लेकिन गौर करने वाली बात यह थी कि दोनों ही मंच पर हाथ जोड़े नजर आए और दोनों ने एक भी शब्द नहीं कहा। मायावती के भाई आनंद और भतीजे आकाश का परिचय मंच पर पार्टी के प्रभारी शमशुद्दीन ने परिचय कराया।

इसे भी पढ़ें- योगी सरकार के छह महीने: पांच ऐसे फैसले जो रहे चर्चा में

वंशवाद की ओर बढ़ती बसपा

वंशवाद की ओर बढ़ती बसपा

जिस वक्त शमशुद्दीन ने दोनों का परिचय कराया तो दोनों ने मंच पर खड़े होकर हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया, लेकिन कुछ भी बोला नहीं। इस वक्त मंच पर पार्टी की दिग्गज नेता सतीश उपाध्याय भी मौजूद थे। माना जा रहा है कि मायावती आगामी लोकसभा चुनाव में दोनों को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है, इसी मद्देनजर दोनों को लोगों के बीच सार्वजनिक मंच पर लाया जा रहा है। ऐसे इस बात की चर्चा भी तेज हो गई है कि बहुजन समाज पार्टी में भी वंशवाद की राजनीति अपनी जड़े मजबूत करने जा रही है और मायावती की अगली पीढ़ि पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

अपनों पर मायावती का भरोसा

अपनों पर मायावती का भरोसा

यूपी विधानसभा चुनाव में बुरी तरह से हार के बाद जिस तरह से एक के बाद एक तमाम नेताओं ने मायावती का साथ छोड़ा और उनपर कई गंभीर आरोप लगाए उसके बाद मायावती अपने परिवार के सदस्यों को ही आगे बढ़ाने का मन बना रही है। इसी कड़ी में उन्होंने पहली बार यूपी चुनाव के बाद अपने भाई आनंद और भतीजे आकाश को सार्वजनिक तौर पर लोगों के लेकर आई।

14 अप्रैल को आनंद को बनाया गया था उपाध्यक्ष

14 अप्रैल को आनंद को बनाया गया था उपाध्यक्ष

पार्टी के तमाम सूत्रों का कहना है कि आनंद और आकाश पार्टी की तमाम अहम बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं और पार्टी के भीतर बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में मायावती ने आनंद कुमार को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर उन्होंने इसकी घोषणा की थी। हालांकि इस वक्त उन्होंने साफ किया था कि आनंद पार्टी को मजबूत करने में मदद करेंगे वह सांसद या विधायक नहीं बनेंगे। इस घोषणा के अगले ही दिन पार्टी की बैठक के दौरान मायावती के भतीजे आकाश का लोगों के बीच परिचय कराया गया, जोकि लंदन से मैनेजमेंट की पढ़ाई करके आए हैं।

आनंद होंगे मायावती के उत्तराधिकारी!

आनंद होंगे मायावती के उत्तराधिकारी!

बसपा के संविधान पर नजर डालें तो पार्ट क उपाध्यक्ष ही पार्टी के अध्यक्ष की गैरमौजूदगी में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष होगा। ऐसे में जिस तरह से आनंद कुमार को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है उसे देखते हुए पार्टी के भीतर से आवाज उठने लगी है कि मायावती के बाद आनंद ही उनके उत्तराधिकारी होंगे। माना जा रहा है कि मायावती ने जिस तरह से राज्यसभा से इस्तीफा दिया है उसके बाद वह अपने भाई और भतीजे को आगामी राजनीति के लिए तैयार करने में जुटी हैं।

इसे भी पढ़ें- CM योगी ने दशहरा-मुहर्रम में डीजे-लाउडस्पीकर पर लगाया बैन

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+