राम मंदिर के मसले पर बोले विनय कटियार- विधानसभा चुनाव में इस मुद्दे पर चुप रहेगी BJP
उत्तर प्रदेश के हर चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा छाया रहता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इस बारे में राम मंदिर आंदोलन का चेहरा रहे मौजूदा राज्यसभा सांसद विनय कटियार ने टिप्पणी की है।
फैजाबाद। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से हालिया आदेश में धर्म के नाम पर वोट मांगने को गलत करार देने के बाद भारतीय जनता पार्टी के सांसद विनय कटियार ने कहा कि पार्टी चुनाव के दौरान मंदिर के मुद्दे पर 'चुप' रहेगी। राज्यसभा से सांसद कटियार ने कहा कि यह मामला हमारे निजी आस्था का है, लेकिन आस्था भी धर्म के दायरे में आती है, इसलिए हम राम और मंदिर के मुद्दे पर चुनावी कैंपेन में चुप रहेंगे।

बता दें कि बीते दिनों धर्म और जाति के आधार पर वोट मांगना गलत है। कोर्ट ने भाषा और समुदाय के नाम पर भी वोट मांगने को गैर-कानूनी करार दिया है। सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की संवैधानिक पीठ ने ये फैसला सुनाया है। 4-3 के बहुमत से ये फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में साफ किया है कि अगर कोई भी उम्मीदवार चुनाव में धर्म, जाति, भाषा या फिर समुदाय के नाम वोट मांगता है तो ये गैरकानूनी है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव एक धर्मनिरपेक्ष पद्धति है। इस आधार पर वोट मांगना संविधान की भावना के खिलाफ है। जन प्रतिनिधियों को अपना कामकाज धर्मनिरपेक्षता के आधार पर ही करना चाहिए। हिंदुत्व केस में सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया था।
बता दें कि 1990 के दौर में कटियार अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन का चेहरा थे। इससे पहले भी कटियार कह चुके हैं कि मोदी सरकार को इस मामले को सुलझाना चाहिए। हालांकि भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने पार्टी नेताओं की ओर से राम मंदिर का मुद्दा उठाने के सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पाठक ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा राजनीतिक नहीं बल्कि हमारी आस्था है। ये भी पढ़े: महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में भाजपा ने मारी बाजी, जीते 1261 पद












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