अधिकारियों को देख रोने लगी भाजपा नेता की मां, कहा- मेरे बेटे को बचा लो

यह बातें शनिवार को एक भाजपा नेता कि मां ने बहराइच के जिलाधिकारी से की। बता दें कि इनके बेटे पर शुक्रवार को बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था।

बहराइच। 'साहब मेरे बेटे को बचा लो, उसकी हालत बहुत नाजुक है उसे लखनऊ भेज दिया गया है। बहुत सीधा है मेरा बेटा। उसे किसी ने गोली मार दी है। कैसा है मेरा बेटा, क्या बच जाएगी मेरे बेटे की जान।' यह बातें शनिवार को एक भाजपा नेता कि मां ने बहराइच के जिलाधिकारी से की। बता दें कि इनके बेटे पर शुक्रवार को बदमाशों ने जानलेवा हमला किया था।

क्या है पूरा मामला

क्या है पूरा मामला

कोतवाली नगर के मोहल्ला कानूनगोपुरा दक्षिणी निवासी 20 वर्षीय गोविंद पांडेंय पुत्र पप्पू पांडेय काननूगोपुरा मोहल्ले का भाजपा का बूथ इंचार्ज है। शुक्रवार देर शाम को कुछ बदमाशों द्वारा इन पर फयायरिंग कर जानलेवा हमला कर दिया गया। आनन फानन में इन्हें अस्पताल पहुचाया गया। जहां से डाक्टरों ने इलाज के लिए ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर जनपद के आधा दर्जन से अधिक थानों की फोर्स तैनात कर दी गई थी।

डीएम और एसपी ने किया दौरा

डीएम और एसपी ने किया दौरा

सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुनील सक्सेना, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित भी पहुचे और घटना स्थल का जायजा लिया। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए तुरंत तीन टीमें लगा दी गई। बहराइच में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला की सूचना पर देवी पाटन मण्डल के डीआईजी अनिल कुमार देर रात बहराइच पहुंचे। डीएम अजयदीप सिंह भी सूचना मिलते ही रात में घटना स्थल पर पहुंचे। डीआईजी और डीएम समेत अन्य अधिकारी घटना स्थल का जायजा लिया और डीआईजी ने एसपी को निर्देशित किया कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे किया जाए।

चौकी पर रोते हुए पहुंची मां

चौकी पर रोते हुए पहुंची मां

गोविन्द पर हमला की खबर मिलते ही मां अस्पताल पहुची तो देखा कि बेटा एंबुलेंस से ट्रामा सेंटर लखनऊ जा रहा था। वह अस्पताल में पछाड़ खा खाकर रोने लगी और बेहोश हो गई। उसे घर लाया गया। काफी देर बाद होश आया तो उन्हे पता चला कि यंहा बड़े अधिकारी आएं है वह अपने परिवार के साथ रोते हुए कानूनगोपुरा चैकी पहुची। जहां पर डीएम अजयदीप सिंह, डीआईजी अनिल कुमार व एसपी सुनील सक्सेना बैठकर वार्ता कर रहे थे। डीएम को देखते ही गोविन्द की मां उन्हे पकड़ ली और लिपटकर रोने लगी। रोते हुए वह डीएम से पूछी साहब क्या मेरा बेटा बच जाएगा। कैसी है उसकी हालत। डीएम ने रो रही मां को समझाया और उन्हें घर भेजवाया।

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