हरदोई: नरेश के प्रत्याशी को टक्कर देने के लिए भाजपा ने पारूल को उतारा
हरदोई। भाजपा ने हरदोई नगरपालिका के लिये राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के धुर विरोधी पारूल दीक्षित पर अपना दांव चलकर उन्हें पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया। पारूल दीक्षित समाजवादी पार्टी मे तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व शिवपाल यादव के बीच चल रही उठापटक के नाटकीय घटनाक्रम के बाद भाजपा मे शामिल हुये थे और वह करीब 17 बार समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष व हरियावां द्वितीय सीट से जिला पंचायत के सदस्य भी रहे हैं।

भाजपा लहर का सवार पूर्व सपाई
पारूल दीक्षित समाजवादी पार्टी के संस्थापकों मे शामिल रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बाजपेयी के खासमखासों मे शुमार किये जाते है और उन्हें वह अपना राजनैतिक गुरू भी मानते हैं। खास बात यह है कि कभी समाजवादी पार्टी में एक साथ राजनीति करने वाले पारूल दीक्षित के राजनैतिक गुरू श्री बाजपेयी और खुद पारूल आज दोनों भाजपा की लहर पर सवार है।

हरदोई के कद्दावर नरेश अग्रवाल को टक्कर
बतातें चलें कि हरदोई नगरपालिका से भाजपा प्रत्याशी पारूल दीक्षित ने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बालामऊ से सपा विधायक अनिल वर्मा के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और चुनाव के दौरान उन्होंने जमकर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रहे सदर विधायक नितिन अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोला था लेकिन भाजपा की भयंकर लहर के बाद भी नितिन चुनाव जीतकर सदर के विधायक बन गये थे।

हरदोई निकाय में कांटे का मुकाबला
भाजपा द्वारा पारूल दीक्षित को प्रत्याशी बनाये जाने से नगरपालिका अध्यक्ष के लिये कांटे का मुकाबला होने की संभावना जतायी जा रही है क्योंकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुखसागर मिश्र मधुर नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और वह जनपद के कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल समर्थित प्रत्याशी है। नगरपालिका चुनाव में मधुर को विजयश्री दिलाने के लिये नरेश अग्रवाल व सदर विधायक नितिन अग्रवाल ने चुनाव की कमान खुद अपने हाथों मे लेकर अपने समर्थकों को मधुर के पक्ष मे प्रचार करने के खुले निर्देश दे रखे हैं। सपा प्रत्याशी मधुर मिश्रा को जहां राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल के समर्थन का लाभ मिल रहा तो वहीं युवाओं में लोकप्रिय पारूल दीक्षित भाजपा लहर के सहारे नगरपालिका की नईया पार लगाने की जुगत में जुटे हैं।












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