गोरखपुर में 2007 के दंगा मामले में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
गोरखपुर दंगा मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का अहम फैसला, सीबी सीआईडी की क्लोजर रिपोर्ट पर फैसला देने से किया इनकार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ 2007 के दंगों में मुकदमा चलाने की यूपी सरकार ने इजाजत देने से इनकार कर दिया था। लेकिन अब इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो जजों की बेंच ने सीबी-सीआईडी द्वारा इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट पर कोई फैसला नहीं दिया है। कोर्ट ने सीबी-सीआईडी द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट पर कोई भी आदेश देने से इनकार कर दिया है। इलहाबाद हाई कोर्ट बेंच में जस्टिस उमेश चंद्र श्रीवास्तव और जस्टिस रमेश सिन्हा शामिल थे।

गोरखपुर में 2007 में हुए दंगे में योगी आदित्यनाथ पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप था, जिसपर उनके खिलाफ मामला चल रहा था, लेकिन 11 मई को कोर्ट में राज्य सरकार ने योगी सरकार के खिलाफ मामला चलाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। इस मामले में योगी आदित्यनाथ के अलावा कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला चल रहा था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि 27 जनवरी 2007 में गोरखपुर में हुए दंगों से जुड़े सभी 29 मामलों पर मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब की थी।
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गोरखपुर में हुए दंगों में कई लोगों को जान चली गई थी और काफी ज्यादा आर्थिक नुकसान भी हुआ था। जिसके चलते कोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया था कि वह इस पूरे मामले की विस्तृत औऱ तुलनात्मक रिपोर्ट देने को कहा था। सामाजिक कार्यकर्ता परवेज परवाज औऱ वकील असद हयात की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कोर्ट ने यह अहम फैसला दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जबतक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है किसी भी तरह की क्लोर रिपोर्ट पर फैसला नहीं दिया जाएगा। इम मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी।












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