चुनाव से पहले, किसानों, युवाओं, महिलाओं को साधने का बीजेपी का प्लान, अगले 6 माह में UP में होंगी 200 रैलियां
लखनऊ, 08 सितम्बर: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने चुनावी अभियानर को और तेज कर दिया है। बीजेपी के सूत्रों की माने तो चुनावी तैयारियों को लेकर पार्टी पूरे उत्तर प्रदेश में कई बैठकें करने की योजना बना रही है। ऐसे में बीजेपी की योजना कल से अगले साल जनवरी तक कई बैठकें करने की है। भाजपा अगले छह महीनों में युवाओं, महिलाओं और किसानों को आकर्षित करने के लिए 200 से अधिक रैलियां करने की योजना बना रही है। इसके लिए भाजपा ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा के नेताओं की मोन तो इसमें पीएम मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत तमाम बड़े नेताओं की रैलियां भी शामिल होंगी।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन पर होंगे 150 से ज्यादा कार्यक्रम
भाजपा की योजनाओं से लाभान्वित किसानों और ग्रामीणों को एक साथ लाने के लिए इन बैठकों को आयोजित करने की योजना है। पहले चरण में, भाजपा स्वतंत्रता सेनानियों पर कार्यक्रम आयोजित करने और स्वतंत्रता दिवस से पहले उनकी मूर्तियों की सफाई करने की योजना बना रही है। इसी तरह से यूपी में कई सारे कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएंगे। भाजपा 25 सितंबर को भाजपा के सह-संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय का जन्मदिन मनाने की योजना बना रही है और उसके बाद चुनाव घोषित होने तक 150 से अधिक कार्यक्रम आयोजित करेगी। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि पार्टी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करके खुद को मजबूत करने में सक्षम होगी जो सीधे तौर पर उन लोगों को शामिल करते हैं जिन्हें भाजपा की योजनाओं से लाभ हुआ है।
बीजेपी के एक प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया कि,
''अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए बीजेपी अब अपने अभियान में जुट गई है। चुनावी रैलियों का खाका भी तैयार किया जा रहा है। अगले 6 माह के भीतर 200 से ज्यादा रैलियों को आयोजित किए जाने की योजना पर काम चल रहा है। इन रैलियों में छोटे स्तर से लेकर पीएम मोदी और बडे़ नेताओं की रैलियां भी शामिल होंगी। जल्द ही इनका कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा हर महीने में यूपी से जुड़े एक या दो सरकारी कार्यक्रमों में पीएम सीधे तौर पर जुडे़ंगे।''
मोदी के 2024 के मिशन के लिए यूपी की जीत जरूरी
खासकर प्रधानमंत्री मोदी उत्तर प्रदेश के चुनाव को अपनी छवि का मामला मानते हैं। मोदी उत्तर प्रदेश से सांसद चुने गए हैं। इसलिए वह इसे अपनी छवि के लिए एक चुनौती के रूप में देखते हैं। इसलिए मोदी के सबसे करीबी कमांडरों में से एक माने जाने वाले गुजरात के पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा को उत्तर प्रदेश में तैनात किया गया है। अरविंद कुमार शर्मा ने मोदी के लिए अपने IAS पद से इस्तीफा दे दिया है और उन्हें उनका उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

भाजपा के लिए मजबूत गढ़ माना जाता है यूपी
उत्तर प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है जहां भाजपा को मजबूत माना जाता है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा क्षेत्र हैं। पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अकेले यूपी में 62 सीटें जीती थीं। इसलिए उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में जीत बीजेपी के लिहाज से काफी अहम हैं क्योंकि यूपी में बीजेपी की जीत जितनी दमदार होगी उतना ही 2024 के लिए अहम साबित होगी। पीएम मोदी को भी पता है कि यूपी की जीत के बिना मिशन 2024 को पूरा करना मुश्किल है।

योगी के सामने यूपी चुनाव जीतने की चुनौती
कुछ महीने पहले ही यूपी में कोरोना से भारी संख्या में लोगों की मौतें हुई थीं। गंगा नदी में लाशें तैरने की तस्वीरें सामने आईं थीं। स्थिति काफी अनियंत्रित हो गई। इसके अलावा, दूसरी लहर के पिक टाइम के दौरान ऑक्सीजन और कोरोना बेड की भी कमी होने की बातें सामने आईं थीं। इसी तरह मुख्यमंत्री योगी द्वारा जारी कुछ आदेशों से लोगों में भारी असंतोष दिखाई दे रहा था इसको लेकर संघ और बीजेपी आला कमान ने भी चिंता जताई थी। जनता के बीच योगी सरकार के प्रति नाराजगी को भांपते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता बी एल संतोष और दत्तात्रेय होसबोले ने अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपी थी जिसके बाद यूपी में चुनावी तैयारियों को और तेज कर दिया गया था।












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