UP में कांवड़ियों की सेवा में लगाई टीचर्स की ड्यूटी, आदेश वायरल होने पर BSA को देनी पड़ी सफाई
लखनऊ, 19 जुलाई: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बीते रविवार को एक आदेश जारी कर शिक्षकों की ड्यूटी कांवड़ियों की सेवा में लगा दी थी। अब ये आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीएसए ने अपने आदेश में कहा था कि, प्रत्येक सोमवार को गोला नगर के समस्त प्राइमरी स्कूल बंद रहेंगे। इस दौरान बेसिक शिक्षिकों की ड्यूटी कांवड़ यात्रा की भीड़ को संभालने में लगेगी। अब विवाद के बाद बीएसए को सफाई देनी पड़ रही है।

बीएसए डॉक्टर लक्ष्मीकांत पांडेय द्वारा जारी किए गए इस आदेश आदेश में कहा गया है कि गोला में सावन मेले के कारण अत्यधिक भीड़ होती है। हर साल गोला कस्बे के करीब 3 किलोमीटर के दायरे के सभी स्कूल कॉलेज प्रत्येक सोमवार को बंद कर दिए जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए गोला नगर के 13 विद्यालय सावन के सभी सोमवार को बंद रहेंगे। इन 13 विद्यालयों में तैनात शिक्षक/शिक्षिकाएं कांवड़ यात्रा में लगी भीड़ को संभालेंगी। इस आदेश पत्र आदेश में शिक्षकों-शिक्षिकाओं के मोबाइल नम्बर समेत ड्यूटी प्वाइंट भी चिह्नित किए गए हैं।
सावन के महीने में पड़ने वाले सोमवार को यानी 18 जुलाई, 25 जुलाई, 1 अगस्त और 8 अगस्त को कस्बे के 3 किलोमीटर के दायरे में सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूल बंद रखे जाएं और उनमें तैनात शिक्षक शिक्षिकाओं की ड्यूटी वॉलिंटियर्स के तौर पर कांवड़ियों की सेवा में लगाई जाए। बीएसए का यहा आदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इसके बाद बीएसए डॉक्टर लक्ष्मीकांत पांडेय ने इस मामले पर सफाई दी है।
उन्होंने कहा कि ये ड्यूटी ऐक्षिक है। जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं को वॉलंटियर के रूप में यह काम करना है वो कर सकते हैं, नहीं तो वे विद्यालय में उपस्थित रहकर डीबीटी और अन्य शैक्षिक कार्य करें। कोई बाध्यता नहीं है। ये ड्यूटी पूरी तरह से ऑप्शनल है।
बीएसए के इस आदेश के बाद शिक्षक संगठन ने विरोध दर्ज कराया है। वहीं नाम न छापने की शर्त पर एक महिला शिक्षिका ने कहा कि पहली बात तो ये आदेश हास्यास्पद है। दूसरी बात हम महिला शिक्षिकाओं की निजता का भी इस आदेश में उल्लंघन किया गया है। हमारे मोबाइल नम्बर अब सोशल मीडिया पर आदेश के जरिए वायरल हो रहे। बात ड्यूटी की नहीं, बात सम्मान की है।












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