GST को लेकर काशी में आंदोलन, बनारसी साड़ी का 100 करोड़ का कारोबार ठप
पूरे देश में 1 जुलाई से लागू होने वाले GST को लेकर आज बनारसी साड़ी के व्यापारियों ने 3 दिनों तक अपने कारोबार को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा के बाद कारोबार को ठप कर दिया हैं।
वाराणसी। पूरे देश में 1 जुलाई से लागू होने वाले GST को लेकर आज बनारसी साड़ी के व्यापारियों ने 3 दिनों तक अपने कारोबार को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा के बाद कारोबार को ठप कर दिया हैं। ये अब तक की सबसे बड़ी बंदी हैं जिससे देश के कोने-कोने में अपनी पहचान रखने वाले बनारसी साड़ी का व्यापार तीन दिनों में करीब 100 करोड़ का व्यापार ठप रहने की उम्मीद हैं।

क्या है मांग?
इस विरोध के साथ बनारसी साड़ी के व्यापारियों ने केंद्र सरकार की इस नीति को सिरे से खारिज करने की मांग की है। वहीं ये भी कहा है कि इस कारोबार में GST के आने के बाद से अब देश को बनारसी साड़ी नहीं मिल पायेगी। अपना विरोध जताते हुए व्यापारियों ने जहां अपनी प्रतिष्ठानें बंद रखी हैं वही काशी की सड़को पर पायदान मार्च और बाइक रैली भी निकली गयी हैं। इस कारोबार से जुड़े इशिता क्रिएशन के मालिक मनीष कपूर ने बताया की GST के लागु होते ही करीब 8 लाख लोगों का भविष्य खत्म हो जायेगा। हम कारोबार बंद कर व्यवसाय बदल लेंगे।

क्या कहते हैं काशी के व्यवसायी?
वाराणसी वस्त्र उद्योग के महामंत्री राजन बहल ने बताया जिस तरह से जीएसटी लगाया गया है ,उससे बनारसी साड़ी और बुनकर बर्बाद हो जाएंगे। हमारी कुछ मांगे प्रमुख है-
1. हमे धागा खरीद पर दो पर्सेंट टैक्स मंजूर नहीं है। हम जिससे खरीदेंगे वो भी देगा ,जो बेचेगा वो भी देगा।
2. बनारसी साड़ी में एमबाडरी, जरी वर्क, बुंवाई पर15 पर्सेंट टैक्स मंजूर नहीं है।
3. लोकल ट्रांजक्सन मार्केट के आलावा बनारसी साड़ी का मार्केट ग्लोबल है। हर व्यपारी बिजनेस के अनुसार फिर से 2 से 5 पर्सेंट ,10 से 15 पर्सेंट और फिर 15 से 28 पर्सेंट के दायरे में आएगा,जो मंजूर नहीं है
4. हर व्यपारी को कम से कम 11 से 12 खाते मेंटेन करने होंगे ,जो संभव नहीं है
5. पुरे बिजनेस पर एक साथ टैक्स कटे
6. 20 लाख के ऊपर बिजनेस होने पर टैक्स का दायरा अलग हो जाएगा ,जबकि व्यपारियों को मंजूर नहीं है
7. बुनकर कहा से जीएसटी के दायरे में आएगा ,वो जो भी साड़ी बेचेगा उसका हिसाब सरकार को देना होगा, मंजूर नहीं है।

जीएसटी से क्या है समस्याएं
oneindia से बात करते हुए इशिता क्रिएशन और मनीष टेडर्स के मालिक मनीष कपूर ने बताया की अभी तक सरकार ने GST का बनारसी साड़ी के कारोबार में क्या प्रारूप है इसकी कोई जानकारी हम लोगो को मुहैया नहीं कराई हैं। जहां तक सवाल है की हमारे कारोबार में जीएसटी लगाया जाए तो मैं ये कहना चाहुँगा की एक साड़ी करीब 20 छोटे-छोटे कारीगरों के हाथो से गुजरती हुई खरीददार तक पहुंचती हैं। पर जीएसटी के बाद ये कारोबार पूरी तरह से खत्म हो जायेगा और हम अपनी मांगों को लेकर जीएसटी को लागू नहीं होने देंगे अभी तो ये 3 दिनों की बंदी नहीं सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे और हमें अपने जीविकोपार्जन के लिए कोई दूसरा व्यापर करना होगा।












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