'कॉकरोच डरते भी नहीं, मरते भी नहीं', CJP के अभिजीत दीपके की हुंकार, पोस्ट डिलीट करने पर मोदी सरकार को घेरा!
CJP founder Abhijeet Dipke Jantar Mantar: दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार (06 जून) को एक अनोखे और भारी विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। NEET, CBSE, CUET और SSC-GD जैसी बड़ी परीक्षाओं में हुई धांधलियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर आए। अमेरिका से लौटते ही CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके सीधे प्रदर्शन स्थल पहुंचे और सरकार पर जमकर बरसे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उमड़ी युवाओं की भीड़ को संबोधित करते हुए दीपके ने सीधे शब्दों में सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करवा रही है और पोस्ट डिलीट करवा रही है, लेकिन युवाओं की इस आवाज को जमीन से नहीं मिटाया जा सकता।

"हमारे पोस्ट मिटा दोगे, हमें कैसे मिटाओगे?": सरकार के रवैये पर भड़के CJP चीफ
जंतर-मंतर के मंच से दहाड़ते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले एक महीने से छात्र सोशल मीडिया पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मगर सरकार इतनी बेशर्म हो चुकी है कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय ध्यान भटकाने में लगी है।
उन्होंने कहा, "तुम हमारे सोशल मीडिया पोस्ट तो हटा सकते हो, लेकिन जंतर-मंतर पर खड़े इस जनसैलाब को कैसे गायब करोगे?" दीपके ने देश की राजनीतिक दिशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 10-12 सालों से देश की जनता को सिर्फ हिंदू-मुसलमान की राजनीति में उलझाकर रखा गया है। उन्होंने युवाओं से पूछा कि क्या इस नफरत की राजनीति से किसी को रोजगार या नौकरियां मिलीं?
कॉकरोच मास्क और हाथों में फूल: जंतर-मंतर पर दिखा प्रदर्शन का अनोखा अंदाज
इस आंदोलन की सबसे दिलचस्प बात इसका अनोखा स्वरूप रही। जंतर-मंतर पर जुटे सैकड़ों छात्र, कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा प्रोफेशनल्स चेहरे पर कॉकरोच का मास्क लगाए हुए थे। कई स्कूली छात्र भी अपने माता-पिता के साथ इस प्रदर्शन का हिस्सा बनने पहुंचे थे। आंदोलनकारियों के एक हाथ में देश की शान तिरंगा और किताब थी, तो दूसरे हाथ में फूल थे।
दरअसल अभिजीत दीपके ने पहले ही गाइडलाइन जारी कर समर्थकों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सम्मान के तौर पर फूल देने की अपील की थी। इस शांतिपूर्ण और अनुशासित रवैये के बीच युवाओं ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गिरफ्तारी का डर और सोनम वांगचुक का बड़ा एलान: 6 हफ्ते के उपवास की चेतावनी
अभिजीत दीपके ने शनिवार सुबह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उनका विमान दिल्ली में लैंड करने वाला था, तो उन्हें लगा कि यह उनकी आजादी के आखिरी पल हैं। वे जेल जाने के लिए पूरी तरह मानसिक रूप से तैयार थे। उन्होंने कहा कि आज जेल के डर से बहुत से लोग बिक चुके हैं और समझौता कर चुके हैं, लेकिन इस देश का छात्र और युवा आज भी बिका नहीं है।
इस आंदोलन को प्रख्यात पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी बड़ा समर्थन मिला है। वांगचुक भी जल्द ही इस प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं। उन्होंने एलान किया है कि अगर दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया, तो वे सरकार के खिलाफ 6 हफ्ते के लंबे उपवास पर बैठ जाएंगे।
दिल्ली में कड़ा पहरा: छावनी में तब्दील हुआ इलाका, तैनात रहे 1000 से ज्यादा जवान
CJP के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। राजधानी के सभी बॉर्डर एंट्री पॉइंट्स, संवेदनशील इलाकों और आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। अकेले नई दिल्ली और जंतर-मंतर के आसपास के रणनीतिक मोर्चों पर 1,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।
हालांकि CJP की तरफ से पहले ही साफ कर दिया गया था कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण रहेगा। युवाओं ने पुलिस के साथ किसी भी टकराव से बचते हुए बेहद अनुशासित तरीके से परीक्षा प्रणालियों में सुधार और जवाबदेही की अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।














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