बागपत नाव हादसा: घटनास्थल से भागे योगी सरकार के अधिकारी

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बागपतउत्तर प्रदेश के बागपत में जिस तरह से बड़ा नाव हादसा हुआ है, उसके बाद प्रदेश सरकार की इन हादसों के बाद निपटने की योजना की कलई खुल गई है। घटना के घंटों बाद तक लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। दर्जनों लोगों की मौत हो गई और सूबे के आला अधिकारियों ने यहां जाने तक की जहमत नहीं की, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय ग्रामीण शवों को सहारनपुर-दिल्ली हाईवे पर रखकर प्रदर्शन करने लगे। खबर ने तूल पकड़ी तब जाकर अधिकारी हरकत में आए, लेकिन तबतक काफी देर हो चुकी थी और दर्जनों लोगों की जान जा चुकी थी।

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पांच घंटे बाद पहुंची एनडीआरएफ की टीम

पांच घंटे बाद पहुंची एनडीआरएफ की टीम

दरअसल जब आज सुबह यह घटना हुई तो इस घटना पर प्रशासन की तरफ से त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, यहां तक की राहत बचाव का कार्य घंटों बाद शुरू हुआ। बेपरवाही का आलम यह था कि मौके से घटनास्थल से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर गाजियाबाद है, लेकिन यहां से एनडीआरएफ की टीम को पहुंचने में तकरीबन पांच घंटे का वक्त लग गया। जिसके चलते ग्रामीणों को गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की नाराजगी का आलम यह था कि जब यहां सूबे के अधिकारी पहुंचे तो उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।

जान बचाकर भागते नजर आए अधिकारी

जान बचाकर भागते नजर आए अधिकारी


जिस वक्त यहां उपजिलाधिकारी पहुंचे तो लोगों ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिसके बाद एसडीएम को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा और उन्होंने जंगल में छिपकर अपनी जान बचाई। गुस्साए ग्रामीणों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। सूबे के अधिकारियों की बानगी का आलम यह था कि घंटों तक हादसे के बाद मौके पर डीएम और अडिशनल एसपी नहीं पहुंचे, लेकिन जब घटना बड़ी हो गई और प्रशासन व मीडिया का दबाव पड़ने लगा तो आला अधिकारी यहां पहुंचे। लेकिन डीएम और अडिशनल एसपी को देखते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने उन्हें भी दौड़ा लिया। जिसके बाद दोनों ही अधिकारियों ने यहां से भागकर अपनी जान बचाई।

22 लोगों की जान गई

22 लोगों की जान गई


गौरतलब है कि आज सुबह बागपत में यमुना नदी में नाव पलटने से 22 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की वजह से यह घटना हुई है, नाव में 60-70 लोग सवार थे, जिसके चलते नाव बीच नदी में पलट गई। वहीं प्रशासन का कहना है कि इस नाव को प्रशासन की ओर से लाइसेंस नहीं दिया गया था, इस नाव को ग्रामीण खुद से अपनी ओर से चला रहे थे।

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English summary
Baghpat boat tragedy in Yamuna Yogi Adityanath officers ran away to save their life. Villagers were angr for late response from administration.
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