Atiq Ahmed: इलेक्शन टैक्स के जरिए अवैध वसूली करता था अतीक अहमद, संपन्न लोगों को भेजता था 'पर्चियां'

माफिया अतीक अहमद इलेक्शन टैक्स के नाम अमीर लोगों से अवैध वसूली करता था। इसके लिए बकायता हर रंग की पर्ची भेजी जाती थी। इन सफेद, पीली और गुलाबी रंगी पर्चियों की कीमत भी अलग-अलग होती थी।

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Atiq Ahmed News: 15 अप्रैल की देर रात लवलेश तिवाली, शनि और अरुण ने डॉन ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद अतीक अहमद की आय को लेकर बड़े-बड़े खुलासे हो रहे है। तो वहीं, कई राज भी सामने आ रहे हैं।

ऐसा बताया जा रहा है कि अतीक अहमद इलेक्शन टैक्स के नाम पर संपन्न लोगों से जबरन वसूली करता था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतीक अहमद यह टैक्स कैश के रुप में नहीं लेता था, बल्कि एकाउंट में जमा कराया जाता था।

इलेक्शन टैक्स और जमीन हड़पना ही अतीक अहमद की आय का सबसे बड़ा स्रोत था। टैक्स के लिए अलग-अलग रंग की पर्ची बनाई गई थी। इस बात का खुलासा पिछले दिनों बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम का चैट वायरल होने के बाद हुआ था।

खबर के मुताबिक, कई लोग अब अतीक के इस चुनावी टैक्स के जरिए अवैध वसूली की बात को स्वीकार कर रहे हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि जिले के लगभग सभी संपन्न लोगों के पास यह पर्ची भेजी जाती थी। सूत्रों का कहना है कि पीली पर्चियां अस्पतालों, कारखानों और बड़े खुदरा शोरूम के मालिकों को भेजी जाती थीं।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि बड़े बिल्डर और बड़े कारोबारियों से अतीक अहमद चुनाव लड़ने के लिए इलेक्शन टैक्स लिया करता था। इसके लिए प्रयागराज और आसपास के जिलों में कारोबार करने वाले अतीक के निशाने पर रहते थे। इसको लेकर कई लोग अब सोशल मीडिया पर भी अपने साथ हुई वसूली का विवरण साझा कर रहे हैं।

अतीक के बैंक खातों में किए गए भुगतान संबंधित जमा पर्ची को सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि पूर्व विधायक और सांसद की इलेक्शन टैक्स पर्ची भेजकर वसूली करता था। पर्ची के रंगों का अर्थ अलग-अलग होता था। मतलब, जिस रंग की पर्ची, उतना पैसा देना कारोबारियों को देना पड़ता था।

अगर किसी को सफेद पर्ची मिलती थी, इसका मतलब उसे 3 से 5 लाख रुपए तक इलेक्शन टैक्स के रूप में जमा कराना पड़ता था। एक पीली पर्ची के लिए प्राप्तकर्ता को 5 लाख रुपए से 50 लाख रुपए के बीच भुगतान करना होता था।

अतीक अहमद ने 1989 में पहली बार विधायक का चुनाव लड़ा था और जीता था। चुनावी खर्च के नाम पर अतीक अहमद ने लोगों से खूब उगाही करता था। खास बात यह है कि इन पर्चियों से लिए गए पैसे कैश में नहीं लिए जाते थे बल्कि एकाउंट में जमा कराए जाते थे।

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    इस अवैध उगाही के दम पर अतीक अहमद पांच बार का विधायक और एक बार का फूलपुर से सांसद चुना गया था। एनबीटी की खबर के मुताबिक, इलेक्शन वार चेस्ट में पैसा लाने के लिए वह बाहुबल का इस्तेमाल करता था। अतीक और उसके गुर्गे चुनाव को लेकर महीनों पहले जबरन वसूली की रणनीति बनाना शुरू कर दते थे।

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