'क्या ये लोकतंत्र में संभव है? यह जंगल राज', अतीक-अशरफ की हत्या पर भड़के RLD चीफ जयंत सिंह
Atiq Ahmed Murder: अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में हत्या के बाद नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

Atiq Ahmed Murder: गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की आज यानी 15 अप्रैल की देर रात प्रयागराज में एक मेडिकल कॉलेज के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना को तीन बदमाशों ने अंजाम दिया है। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस घटना में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं अब इस घटना पर राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। रालोद (RLD)चीफ जयंत सिंह ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है।
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RLD चीफ जयंत सिंह चौधरी ने किया ट्वीट
RLD चीफ जयंत सिंह ने अतीक-अशरफ की हत्या पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि क्या यह लोकतंत्र में संभव है? यह तो जंगलराज है।
अखिलेश यादव ने किया ट्वीट
अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।
पूरा मामला जानें कैसे हुई हत्या (Atiq Ahmed Murder)
गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में हत्या कर दी गई। उसे प्वाइंट ब्लैंक गोली मारी गई थी। फायरिंग एमएलएन मेडिकल कॉलेज परिसर के पास हुई, जहां उन्हें प्रयागराज में मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था। हत्या में शामिल तीनों शूटरों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक पुलिस कांस्टेबल मान सिंह को मामूली चोट आई है। बताया जा रहा है तीनों शूटर मीडियाकर्मी के रूप में आए थे और अचानक हमला कर दिया।
सीएम योगी ने बुलाई हाईलेवल मीटिंग
घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार को तलब किया। मुख्यमंत्री उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
अतीक अहमद ने बेटे के अंतिम संस्कार में आने की अनुमति मांगी थी
अतीक अहमद (Atiq Ahmed Murder) ने शुक्रवार को अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मजिस्ट्रेट से अनुमति मांगी थी। उनके वकील मनीष खन्ना ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि चूंकि शुक्रवार को अंबेडकर जयंती के कारण अवकाश था, इसलिए रिमांड मजिस्ट्रेट को अनुरोध भेजा गया था।












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