कई खूंखार आतंकियों को पकड़ने वाले तेजतर्रार ATS ऑफिसर का दर्दनाक अंत, सकते में पुलिस विभाग
लखनऊ। घरेलू कलह, विभाग से परेशान या फिर वजह कोई और? पुलिस विभाग के तेजतर्रार एडिशनल एसपी राजेश साहनी ने मंगलवार को विभूतिखंड स्थित एटीएस कार्यालय में कनपटी पर गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

पुलिस महकमे में हड़कंप
इस घटना की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और डीजीपी ओपी सिंह, एडीजी कानून व्यवस्था के अलावा एसएसपी दीपक कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू की लेकिन देर तक यह पता नहीं चल सका था कि साहनी ने यह कदम क्यों बढ़ाया?

खून से लथपथ तड़प रहे थे साहनी
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
विभूतिखंड थानाक्षेत्र स्थित एटीएस मुख्यालय में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी ने मंगलवार को अपनी सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर दफ्तर में तैनात अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भागकर मौके पर गए तो देखा कि साहनी खून से लथपथ होकर तड़प रहे थे।

2013 में प्रमोट होकर बने थे एएसपी
बताया गया कि आनन-फानन में उन्हें लोहिया अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
राजेश साहनी 1992 में पीपीएस सेवा में आए थे और 2013 में वह अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रमोट हुए थे। उनके साथ में काम करने वाले पुलिसकतर्मियों ने बताया वे एटीएस में रहते हुए कई ऑपरेशन को सफलता से अंजाम दिया और इस दौरान उन्होंने कई आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफल भूमिका निभाई थी। राजेश साहनी एटीएस के तेज तर्रार अफसरों में से एक माने जाते थे।












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