जेल में बंद फांसी की सजायाफ्ता शबनम की फोटो वायरल, रामपुर से बरेली किया गया शिफ्ट

लखनऊ: सात लोगों की बेरहमी से हत्या करने के मामले में फांसी की सजायाफ्ता शबनम का नाम फिर से सुर्खियों में है। इस बार उसकी एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें वो एक महिला बंदी के साथ नजर आ रही है। जिसके बाद रामपुर प्रशासन ने दो बंदीरक्षकों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही शबनम को बरेली जिला जेल ट्रांसफर कर दिया गया है। शबनम पिछले डेढ़ साल से रामपुर की ही जेल में थी।

अमरोहा

जानकारी के मुताबिक शबनम की एक फोटो वायरल हुई है, जो जिला कारागार रामपुर की बताई जा रही। बाद में जब प्रशासन ने पूरे मामले की जांच करवाई तो ये सही पाई गई। इसके बाद एक महिला और एक पुरुष बंदीरक्षक को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए रामपुर के जिलाधिकारी भी एक्शन में आए और शबनम को बरेली जेल भेजने का आदेश दे दिया। शबनम के साथ एक अन्य महिला बंदी को भी बरेली जेल भेजा गया है।

2008 में वारदात को दिया था अंजाम
अमरोहा जिले में हसनपुर के गांव बावनखेड़ी में शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर 15 अप्रैल 2008 को अपने माता-पिता, दो भाई, भाभी, फुफेरी बहन और मासूम भतीजे को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद 15 जुलाई 2010 को अमरोहा सेशन कोर्ट ने सलीम और शबनम को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले के खिलाफ दोनों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी शबनम की दया याचिका खारिज कर दी थी। हाल ही में शबनम की फांसी को टाल दिया गया था, क्योंकि अमरोहा में जनपद न्यायालय ने अभियोजन से दोषी शबनम का ब्यौरा मांगा था, लेकिन शबनम के वकील की ओर से राज्यपाल के समक्ष दया याचिका दाखिल कर दी गई। फिर से दया याचिका दाखिल होने के कारण फांसी की तारीख मुकर्रर नहीं हो सकी है।

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