UP: इस खास वजह से उम्रकैद की सजा काट रहे अमरमणि और उनकी पत्नी मधुमणि होंगी रिहा
Uttar Pradesh News: पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि को अब जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा। दोनों उम्रकैद की सजा काट रहे थे। शासन ने रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन ने यह निर्णय इनके अच्छे आचरण को देखते हुए लिया है। दोनों बीस वर्ष से अधिक समय से जेल में हैं।
जानकारी के मुताबिक, बाहुबलि नेता के रुप में क्षेत्र में प्रसिद्ध अमरमणि और उनकी पत्नी मधुमणि, कवियत्री मधुमिता की हत्या मामले में जेल में हैं। मधुमिता लखनऊ के पेपरमिल कॉलोनी की रहने वाली थी। इस हत्या मामले में दोनों जेल में पिछले 20 वर्ष एक माह और 19 दिन से थे। उनकी आयु, जेल में बिताई गई सजा की अवधि और अच्छे जेल आचरण के दृष्टिगत बाकी बची हुई सजा को माफ कर दिया गया है।

लखनऊ में निशातगंज स्थित पेपर मिल कॉलोनी में 9 मई 2003 को मशहूर कवियत्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हुई हत्या हुई थी। इस हत्याकांड के बाद देहरादून की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 24 अक्टूबर 2007 को अमरमणि, उनकी पत्नी मधुमणि, भतीजा रोहित चतुर्वेदी और शूटर संतोष राय को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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अमर मणि लगातार कई बार महराजगंज की नौतनवां विधान सभा से विधायक रह चुके हैं। तब यह सीट लक्ष्मीपुर के नाम से जानी जाती थी। 1989 में अमरमणि त्रिपाठी पहली बार विधायक बने, लेकिन साल 1991 के चुनाव में जनता पार्टी के उम्मीदवार कुंवर कौशल सिंह से अमर मणि चुनाव हार गए. 1993 के चुनाव में कुंवर कौशल सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर लगातार दूसरी बार चुनाव जीत विधायक बने. उसके बाद लगातार तीन चुनाव चुनाव 1996, 2002 व 2007 के चुनाव में अमर मणि कांग्रेस, बसपा व सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत की हैट्रिक लगाई।












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