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यूपी निकाय चुनाव: बीजेपी के 3,656 उम्‍मीदवारों की जमानत जब्‍त, सपा-बसपा का और बुरा हाल

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    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव में जीत का डंका बजाने वाली भाजपा की आधी सीटों पर जमानत तक जब्त हो गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक भाजपा के आधे उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई है। भाजपा को जिन सीटों का नुकसान हुआ है उनकी संख्या पिछले निकाय चुनाव से कहीं ज्यादा है। इन चुनावों में भाजपा के 3,656 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है जबकि 2,366 सीट पर उन्हें जीत मिली है। आपको बता दें कि भाजपा की जीती हुई सीट की अपेक्षा हारी हुई सीट की संख्या अधिक है।

    BJP के 45 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई

    BJP के 45 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई

    भाजपा के कुल उम्मादवारों में 45 फीसदी ऐसी प्रत्याशी हैं जिनकी जमानत जब्त हो गई है। यह संख्या अन्य दूसरे दलों के उम्मीदवारों से भी ज्यादा है। तीन स्तरीय शहरी निकायों के चुनावों के आंकड़ों के विश्लेषण में यह भी पता चली है कि जिन सीटों पर भाजपा जीती है उनका कुल वोट शेयर 30.8 प्रतिशत है, वहीं नगर पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा को जिन सीट पर जीत मिली उनका कुल वोट शेयर मात्र 11.1 फीसदी है।

    नगर पंचायत चुनाव में करारी हार

    नगर पंचायत चुनाव में करारी हार

    भाजपा ने निकाय चुनाव में अन्य दलों की अपेक्षा सबसे अधिक उम्मीदवारों को टिकट दिए थे। भाजपा ने 12,644 सीटों पर 8,038 उम्मीदवार खड़े किए थे। इनमें से लगभग आधी सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। भाजपा का नगर पंचायत में हाल और भी बुरा रहा। भाजपा के नगर पंचायत सदस्य चुनाव में 664 उम्मीदवार जीते हैं जबकि 1,462 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।

    भाजपा ने कम उम्मीदवार उतारे

    भाजपा ने कम उम्मीदवार उतारे

    भाजपा के नगर पालिक परिषद और नगर पंचायत सदस्य में कम उम्मीदवारों के जीतने का एक कारण यह भी है कि भाजपा ने कम उम्मीदवार उतारे थे। नगर पालिका परिषद में भाजपा ने दो-तिहाई और नगर पंचायत चुनाव में लगभग 50 फीसदी सीट पर ही उम्मीदवारों को टिकट दिया था। एसपी, बसपा और कांग्रेस में क्रमशः 54%, 66% और 75% उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। लेकिन तब किसी ने नहीं कहा था कि इन पार्टियों ने शानदार जीत दर्ज की है। अगर 2012 के यूपी नगर निकाय चुनाव से तुलना करें तो एसपी और बीएसपी दौड़ में शामिल नहीं थी। मुकाबला सिर्फ बीजेपी, कांग्रेस , छोटी पार्टियों और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच हुआ था। वहीं 2006 के चुनाव में एसपी ने 40 फीसदी सीट पर उम्मीदवार उतारे थे जिसमें से उसे 13 फीसदी सीट पर जीत मिली थी।

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    English summary
    Almost half of BJP candidates lost deposits in UP civic polls 2017

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