उत्तर प्रदेश: क्लर्क भर्ती में हुआ बड़ा बदवाल, बाबू बनने के लिए चाहिए होगा ये सर्टिफिकेट
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में अब क्लर्क भर्ती के लिए नये तकनीकी नियम लागू कर दिए गए हैं और इस नियम का पालन करने वालों को ही क्लर्क की नौकरी मिल सकेगी। क्लर्क के लिए अब कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही ट्रिपल सी प्रमाण पत्र को भी अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। इसके बगैर अब लिपिक भर्ती के लिए अभ्यर्थी योग्य नहीं माने जाएंगे। इस बाबत बेसिक शिक्षा परिषद ने अपनी गाइडलाइन भी जारी कर दी हैं और कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालयों में लिपिकों की भर्ती के लिए कंप्यूटर ज्ञान आवश्यक है।

बेसिक शिक्षा परिषद में दिखेगा बदलाव
परिषद ने यह भी साफ कर दिया है कि क्लर्क के पद पर उन अभ्यर्थियों को भी कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य होगा जो मृतक आश्रित के रुप में नौकरी के लिए आवेदन करेंगे, फिर चाहे वह पदोन्नति से लिपिक बनना हो अथवा लिपिक पद के लिए सीधी भर्ती से चयन हो। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के दौरान ही क्लर्क पदों के लिए कंप्यूटर का ज्ञान और ट्रिपल सी की अनिवार्यता के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया था। उसी आदेश को अब एक-एक कर सभी विभाग लागू कर रहे हैं, जिसकी कड़ी में अब बेसिक शिक्षा परिषद में अपनी क्लर्क भर्तियों में इस नियम को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है।
क्या तय किया गया मानक
बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यकाल में होने वाली क्लर्क भर्ती के बाबत बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने नई गाइडलाइंस जारी करते हुए बताता कि क्लर्क पद के लिये कंप्यूटर ज्ञान की अनिवार्यता होगी। इसके लिए अभ्यर्थी को कंप्यूटर पर ही टाइपिंग टेस्ट देना पड़ेगा। सचिव संजय सिन्हा ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप नई गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। इसमें नए आदेश के तहत लिपिक भर्ती के लिए इंटरमीडिएट के साथ हिंदी टाइपिंग में 25 शब्द तथा अंग्रेजी टाइपिंग में 30 शब्द प्रति मिनट की गति कंप्यूटर पर होनी चाहिए तथा कंप्यूटर में संचालन का डोएक सोसाइटी का ( डीओईएसीसीसी) ट्रिपल सी प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। यह सभी अभ्यर्थियों के लिए है और इसे पूरा करने वाले ही लिपिक भर्ती के लिए पात्र माने जाएंगे।
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