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इलाहाबाद हाईकोर्ट से Umar Ansari को जमानत, जाली दस्तावेज और जाली हस्ताक्षर मामले में मिली बड़ी राहत

Umar Ansari News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे जालसाजी के मामले में जमानत मंजूर कर दी। उमर अंसारी बीते दिनों से कासगंज की पचलाना जेल में बंद हैं।

गाजीपुर पुलिस ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी मां के नाम से नकली हस्ताक्षर कर करोड़ों की जमीन छुड़ाने की कोशिश की। इस मामले में उनके खिलाफ मोहम्मदाबाद थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। अगस्त की शुरुआत में पुलिस ने उन्हें लखनऊ से गिरफ्तार किया था।

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उमर की तरफ से हाईकोर्ट में अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा। जज गौतम चौधरी ने दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर कर दी। हाईकोर्ट के आदेश को लेकर अब अंसारी परिवार को राहत की सांस मिली है।

जानिए क्‍या है पूरा मामला

यह विवाद गाजीपुर शहर के बल्लभ देवढ़ी दास मोहल्ले की जमीन से जुड़ा है। इसकी कीमत दस करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जाती है। प्रशासन ने 2021 में इस संपत्ति को कुर्क कर लिया था। बाद में इसे छुड़ाने के लिए अदालत में दस्तावेज पेश किए गए।

जांच में पता चला कि जो वकालतनामा जमा हुआ, उस पर असली हस्ताक्षर अफ्शां अंसारी के नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हीं नकली दस्तावेजों के आधार पर जमीन छुड़ाने की कोशिश की गई थी। इसी पर पूरा मामला खड़ा हुआ।

23 अगस्त को कासगंज जेल किया गया ट्रांसफर

चार अगस्त को पुलिस ने उमर अंसारी को लखनऊ के दारुलशफा से गिरफ्तार किया था। शुरुआत में उन्हें गाजीपुर जेल भेजा गया। लेकिन सुरक्षा कारणों से 23 अगस्त को उन्हें कासगंज की पचलाना जेल ट्रांसफर कर दिया गया।

गाजीपुर की निचली अदालत ने 21 अगस्त को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उमर ने हाईकोर्ट का रुख किया। अब वहां से उन्हें राहत मिल गई है और जल्द ही जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

मां अफ्शां अंसारी पर है इनाम घोषित

उमर की मां अफ्शां अंसारी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। प्रशासन लगातार उनकी तलाश कर रहा है लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

जमीन छुड़ाने के लिए उनके नाम से दस्तावेज पेश किए गए थे। आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों पर नकली हस्ताक्षर किए गए। जांच पूरी होने तक अदालत ने मामले की सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया है।

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