UP Chunav: 'बिहार जैसे गाने मत बनाना', यूपी चुनाव में हार के डर से अखिलेश यादव ने ऐसा क्यों कहा?
Akhilesh Yadav election strategy: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मिली अप्रत्याशित हार ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) को अपनी रणनीति पर गहन चिंतन के लिए मजबूर कर दिया है। इस अनुभव से सबक लेते हुए, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार (29 नवंबर) को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट संदेश दिया, 'बिहार जैसे भड़काऊ चुनावी गाने न बनाएं।'
उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि किसी भी विवादास्पद गीत को उनकी पार्टी से न जोड़ा जाए, खासकर एआई के इस दौर में जहां गलत प्रचार तेजी से फैल सकता है। बिहार में राजद के समर्थन में "दबंगई" जैसे आपत्तिजनक गीतों ने जनता में भारी नाराजगी पैदा की थी, जिससे बचने के लिए अखिलेश ने यह एहतियाती कदम उठाया है, साथ ही उन्होंने एसआईआर (वोटर लिस्ट पुनरीक्षण) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।

बिहार से सबक: गानों को लेकर चेतावनी
बिहार चुनाव में राजद के समर्थन में गीतों की दबंगई वाली भाषा ने जनता में काफी नाराजगी पैदा की थी, जिसका खामियाजा महागठबंधन को भुगतना पड़ा। इसी से सबक लेते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने कलाकारों और मीडिया से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा, मैं अपने कलाकारों से कहूंगा कोई ऐसा बिहार वाला गाना मत बना देना। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों से निवेदन किया कि "कोई गाना कैसा बनाए हमारा मत बता देना।" अखिलेश एआई के इस दौर में गलत और विवादित गीतों से बचना चाहते हैं, क्योंकि ऐसे गाने तुरंत बनकर वायरल हो सकते हैं।
रंगबाजी भाषा से परहेज का आग्रह
बिहार के चुनाव प्रचार में रंगबाजी और दबंगई जैसे शब्दों का अत्यधिक प्रयोग किया गया था, जिससे चुनाव अभियान को काफी नुकसान हुआ। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसे एक मुद्दा बनाया था। अखिलेश यादव अब यूपी चुनाव से पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। उन्होंने अपने कलाकारों से अनुरोध किया है कि बिहार की तरह विवादास्पद या आपत्तिजनक गाने न बनाएं। राजद ने भी कुछ गायकों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन कोई खास असर नहीं हुआ था। अखिलेश पहले से ही इस तरह के नुकसान से बचने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
ये भी पढे़ं: Aryan Yadav कौन हैं, जिसने लद्दाख की सेरिंग से रचाई शादी? क्या है Akhilesh Yadav-डिंपल से रिश्ता?
एआई के जमाने में सावधानी
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए कहा कि एआई जमाना है, तुरंत बन जाता है गाना। उनका यह बयान दर्शाता है कि वे समझते हैं कि आजकल गलत जानकारी या आपत्तिजनक सामग्री कितनी तेजी से बन और फैल सकती है। इसलिए, उन्होंने कलाकारों से संयम बरतने और मीडिया से किसी भी गलत प्रचार को उनकी पार्टी से न जोड़ने की अपील की है। वे चाहते हैं कि सपा का अभियान सकारात्मक और मुद्दों पर केंद्रित रहे, न कि विवादित गानों में उलझकर नुकसान उठाए।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रही एसआईआर (Special Summary Revision) प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जानबूझकर एसआईआर के द्वारा मतदाताओं से वोटिंग का अधिकार छीना जा रहा है। सपा मुखिया का यह बयान दर्शाता है कि वे सिर्फ चुनावी गानों पर ही नहीं, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता को लेकर भी चिंतित हैं, जिसे वे 2027 के चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हैं।
ये भी पढे़ं: Akhilesh Yadav ने CM योगी के लिए बोली ऐसी बात भड़क उठे अचार्य प्रमोद कृष्णम, कहा – राहुल गांधी का असर












Click it and Unblock the Notifications