Akhilesh Yadav ने CM योगी के लिए बोली ऐसी बात भड़क उठे अचार्य प्रमोद कृष्णम, कहा – राहुल गांधी का असर
Acharya Pramod Krishnam News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाल ही में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को "घुसपैठिया" कहे जाने वाले बयान पर सियासत गरमा गई है। इस बयान पर अब पूर्व कांग्रेस नेता अचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन अखिलेश यादव ने इस परंपरा को तोड़ा है।

"भाषा का सम्मान जरूरी": अचार्य प्रमोद कृष्णम
अचार्य प्रमोद कृष्णम ने संभल में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "राजनीति में भाषा का सम्मान होना चाहिए। उत्तर प्रदेश में यह परंपरा रही है कि पूर्व विधायक को भी 'माननीय' कहा जाता है। स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने इस परंपरा को जीवित रखा था। वे विपक्षी दलों के विधायकों को भी हमेशा आदरपूर्वक 'माननीय' कहकर संबोधित करते थे।"
उन्होंने आगे कहा कि मुलायम सिंह यादव के समय में राजनीतिक मतभेद होते हुए भी संवाद और सम्मान बना रहता था, लेकिन अब वह मर्यादा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। "दुर्भाग्य से अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'घुसपैठिया' कहकर इस परंपरा को तोड़ा है। यह न केवल असंवेदनशील शब्द है बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक संस्कृति का अपमान भी है।"
"राहुल गांधी की संगत का असर दिख रहा है"
पूर्व कांग्रेस नेता ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि "राहुल गांधी की संगत का असर" अखिलेश पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, "पहले समाजवादी पार्टी की राजनीति में कुछ शालीनता होती थी, लेकिन अब राहुल गांधी की संगत का असर दिख रहा है। अब भाषा और आचरण दोनों में गिरावट नजर आ रही है।"
"विरोध जरूरी है, लेकिन मर्यादा भी उतनी ही अहम"
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन यह मर्यादा और शिष्टाचार की सीमाओं में होना चाहिए। उन्होंने कहा, "राजनीति में प्रतिद्वंद्विता हो सकती है, परंतु व्यक्तिगत अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। मुलायम सिंह यादव ने जीवनभर इस परंपरा को निभाया, अब उसी संस्कृति को बचाने की जरूरत है।"
अखिलेश यादव के इस बयान को लेकर सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है। बीजेपी नेता जहां इसे सपा की हताशा बता रहे हैं, वहीं अब अचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान ने इस विवाद को और गरमा दिया है।












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