Akhilesh Yadav ने BJP के सहयोगी ओपी राजभर पर क्यों बोला हमला? ‘OP रातभर’ तंज पर गरमाई सियासत
Akhilesh Yadav: लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर बीजेपी सरकार पर करारा वार किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने शिक्षा, जातिवाद और विकास के मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने खासतौर से यूपी सरकार के सहयोगी और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ओपी राजभर का असली नाम 'OP रातभर' होना चाहिए, क्योंकि वे रात-रात में अपना गठबंधन बदलने की सोचते हैं।

प्रेस से बातचीत में सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि गोरखपुर अगर बोल पड़ा, तो 'विरासत गलियारा' की जगह 'हिरासत गलियारा' बन जाएगा। उन्होंने इशारा किया कि बीजेपी का चेहरा असल में कुछ और ही है, जो अब धीरे-धीरे उजागर हो रहा है।
पूर्व सीएम ने कहा कि बीजेपी सरकार जानबूझकर उन स्कूलों को बंद करवा रही है, जहां पार्टी को वोट नहीं मिलते। यह केवल पढ़ाई के खिलाफ साजिश नहीं है, बल्कि जनता को मतदान से दूर करने की चाल है।
उन्होंने दावा किया कि कन्नौज में जिन स्कूलों का विलय किया जा रहा है, वे वही हैं जो बीजेपी के बूथ नहीं बनते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपचुनावों में फर्जी आधार कार्ड बनवाकर सत्ताधारी पार्टी चुनावी धांधली कर रही है।
गोरखपुर और झांसी की मेट्रो योजना पर तंज
अखिलेश यादव ने गोरखपुर और झांसी में मेट्रो निर्माण को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मेट्रो की सिर्फ घोषणाएं हुई हैं, जमीन पर कुछ नहीं हुआ। बीजेपी सिर्फ वादे करती है, काम नहीं करती।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां सरकार को खाली जमीन दिखती है, वहां कब्जा करने की सोच बन जाती है। बीजेपी का असली एजेंडा सिर्फ जनता को भ्रमित करना है।
ओपी राजभर के जातिवादी बयान से राजनीति गरमाई
ओपी राजभर के उस बयान को लेकर भी अखिलेश ने अप्रत्यक्ष रूप से हमला बोला, जिसमें राजभर ने कहा था कि पूजा-पाठ और कथा ब्राह्मणों का कार्य है। यादव समुदाय अगर यह करता है तो यह अन्य वर्ग के अधिकार में दखल है।
राजभर ने यहां तक कहा कि समाज में हर जाति का एक कार्य होता है, यादवों को अपने पारंपरिक पेशों पर ध्यान देना चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल हलचल देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर कुछ लोग विरोध में कमेंट कर रहे हैं।
सपा ने आरोप लगाया कि बीजेपी जातिवादी और सांप्रदायिक एजेंडे को बढ़ावा देकर समाज को बांटने का काम कर रही है। अखिलेश ने कहा कि जो भगवान राम की जाति खोजते हैं, वे खुद भ्रमित हैं और जनता को भी भ्रम में डाल रहे हैं।












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