Akhilesh Yadav statement: भारत-पाकिस्तान के नए समझौते पर बोले अखिलेश यादव, शांति सर्वोपरि! देश की रक्षा जरूरी
Akhilesh Yadav statement: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय बाद शांति का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। दोनों देशों ने सीमा पर सीजफायर को लेकर आपसी सहमति जता दी है। इस खबर ने जहां क्षेत्र में तनाव कम करने की उम्मीदें बढ़ाई हैं, वहीं भारतीय राजनीति में भी इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "शांति सर्वोपरि है और संप्रभुता भी!" उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में नई नरमी दिख रही है।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव पहले भी भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान सरकार के साथ खड़े नजर आए थे। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई को समर्थन देते हुए साफ कहा था कि इस मुद्दे पर सियासत नहीं होनी चाहिए, देश की एकता और सुरक्षा पहले है।
दोनों देशों के DGMO के बीच बनी सहमति
इस सीजफायर को लेकर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक ने भारतीय सेना के DGMO से बातचीत की। इस चर्चा के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी कि 17:00 बजे से भूमि, वायु और समुद्र में किसी भी तरह की फायरिंग और सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाई जाएगी।
दोनों देशों की सेनाओं को इस समझौते का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते महीनों में नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलाबारी और तनाव बढ़ता जा रहा था, जिससे आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे थे।
भारतीय सेना की पूरी तैयारी
इस ऐलान के बाद भारतीय सेना की तरफ से भी आधिकारिक बयान सामने आया। सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारतीय सेना पूरी तरह तैयार और सतर्क है। उन्होंने साफ किया कि भारत अपनी संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए हर हाल में प्रतिबद्ध है।
कर्नल कुरैशी ने पाकिस्तान के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उसने भारतीय S-400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह निराधार और झूठा है।
आतंकियों के ठिकानों को बनाया गया निशाना
वहीं भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने भी पाकिस्तान के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई केवल आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ थी, जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। किसी भी धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया है।
व्योमिका सिंह ने यह भी कहा कि भारतीय सेना आतंकवाद के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखेगी, लेकिन किसी निर्दोष नागरिक या धार्मिक भावना को आहत करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीजफायर समझौता दोनों देशों के लिए सकारात्मक दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे सीमा पर रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से गोलाबारी की चपेट में आकर परेशान थे।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अब भी सतर्क हैं और इस समझौते के अमल पर लगातार नजर रखी जा रही है। क्योंकि अतीत में भी ऐसे समझौते कई बार हुए हैं, लेकिन उनका टूटना भी उतना ही तेज रहा है।












Click it and Unblock the Notifications