सपा के संग्राम को खत्म करने के लिए साथ बैठे पिता-पुत्र
समाजवादी पार्टी के भीतर के घमासान को खत्म करने के लिए अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच बैठक जारी, विवाद को खत्म करने के लिए पिछले 10 दिनों में 8वीं बैठक
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में बंटवारे को बचाने के लिए मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव एक बार फिर से कोशिश में जुट गए हैं। मुलायम सिंह से अखिलेश यादव उनके आवास पर मुलाकात करने पहुंचे हैं, माना जा रहा है कि इस मुलाकात के जरिए मुलायम सिंह अखिलेश यादव को उनकी शर्तों पर मनाने की अंतिम कोशिश करेंगे। सपा को बचाने के लिए पार्टी के भीतर यह लगातार आठवीं कोशिश हो रही है, ऐसे में कहा जा सकता है कि यह मुलाकात निर्णायक साबित हो सकती है।

सपा के भीतर पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर संग्राम चल रहा है और पार्टी के दोनों गुट इस विवाद को लेकर चुनाव आयोग पहुंच चुके हैं, ऐसे में ना सिर्फ अखिलेश यादव बल्कि मुलायम सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती है पार्टी के चुनाव चिन्ह साइकिल को सीज होने से बचाना। चुनाव की तारीकों का ऐलान हो चुका है और प्रदेश में पहले चरण का मतदान 11 फरवरी को होना है और नामांकन की तारीख में महज कुछ ही दिनों का समय बचा है, लिहाजा दोनों ही गुट इस कोशिश में लगे हैं कि जल्द से जल्द इस विवाद को सुलझा लिया जाए।
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मुलायम सिहं यादव ने इस विवाद को सुलझाने के साफ संकेत देते हुए कहा था कि चुनाव जीतने के बाद अखिलेश यादव ही प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन इससे पहले वह यह कहने से बचते थे। इस लिहाज से देखा जाए तो मुलायम सिंह पार्टी के भीतर के विवाद को खत्म करने के लिए समझौता करने को तैयार हैं। बशर्ते अखिलेश यादव उन बातों को पर मुलायम सिंह से राजी हो जाए जिसका वो लंबे समय से विरोध कर रहे हैं, इसमें सबसे पहली शर्त है अमर सिंह का पार्टी से निष्कासन और टिकटों के बंटवारे पर अखिलेश को अधिकार।












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