मो. शमी हत्याकांड: चढ़ने लगा सियासी रंग, अखिलेश यादव ने शमी के बेटे को बुलाया लखनऊ
मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न हो पाने से नाराज शमी के समर्थकों ने मऊआइमा थाने का घेराव किया। शमी के परिजनों ने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।
इलाहाबाद। बसपा नेता मो. शमी हत्याकांड पर अब सियासत का रंग चढ़ने लगा है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शमी के बेटे को फोन कर घटना के प्रति संवेदना व्यक्त की और मदद करने के लिए लखनऊ बुलाया। अखिलेश से बात होने पर भावुक हुए इम्तियाज ने फूट-फूट अपना दुखड़ा सुनाया। बदले में अखिलेश ने उनसे हर संभव मदद करने का वादा किया। हालांकि मौजूदा हालात में इम्तियाज ने लखनऊ आने पर असमर्थता जताई तो अखिलेश ने खुद मऊआइमा आने का भरोसा दिलाया।

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में जांच के आदेश दिये थे। जिसके बाद पुलिस की पांच टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी है। वहीं मामले में नामजद भाजपा के ब्लॉक प्रमुख सुधीर मौर्य व उनके साथी का पता अभी तक नहीं चला है।
थाने का घेराव आत्मदाह की चेतावनी
मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न हो पाने से नाराज शमी के समर्थकों ने मऊआइमा थाने का घेराव किया। शमी के परिजनों ने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी है। हालांकि एसपी गंगापार मुन्नालाल व सीओ आलोक मिश्रा के समझाने के बाद परिजन शांत हुए।
अखिलेश आ सकते है मऊआइमा
क्राइम की दुनिया में बड़ा नाम कमाने के बाद मो. शमी ने अपनी पकड़ सपा में अंदर तक बना ली और यही वजह है कि सपा छोड़कर बसपा में चले जाने के बाद भी अखिलेश यादव ने परिजनों की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। इम्तियाज ने बताया कि अखिलेश ने मऊआइमा उनके घर आने का वादा किया है। अखिलेश ने उन्हें लखनऊ बुलाया था लेकिन मौजूदा हालात में घर छोड़कर जाना उन्हें सही नहीं लगा।
सपा से ही शमी चार बार ब्लॉक प्रमुख रहे थे। लेकिन इस बार भाजपा प्रत्याशी सुधीर मौर्य से वो चुनाव हार गए और विधानसभा चुनाव के दौरान सपा का साथ छोड़कर बसपा में चले गए। अखिलेश के हस्तक्षेप के बाद अब ये साफ हो गया है कि ये मामला अब सुर्खियां बटोरेगा। क्योंकि इस मामले को हर तरह से तूल दिया जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications