कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि न देकर चौतरफा घिरे अखिलेश; बीजेपी ने बताया पिछड़ों का अपमान, सपा ने किया पलटवार
लखनऊ, 25 अगस्त: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री कल्याण सिंह का निधन हो चुका है। उनके निधन के बाद समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने उनके आवास नहीं पहुंचे थे। हालांकि उन्होंने शोक संदेश और ट्वीट के जरिए अपनी संवेदनाएं प्रकट की थीं और कल्याण सिंह को एक कुशल प्रशासक भी बताया था। लेकिन अब विपक्ष इस बात को मुद्दा बनाने में जुटा है कि जब मायावती उनके आवास श्रद्धांजलि देने पहुंच सकती हैं तो फिर अखिलेश क्यों नहीं पहुंचे, इसका जवाब उन्हें पिछड़ों को देना होगा। बीजेपी के नेता लगातार अखिलेश पर हमला बोल रहे हैं और इसे पिछड़ों का अपमान बता रहे हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि बीजेपी हमेशा ही नफरत की राजनीति करती रही है। उसे पिछड़ों से कोई लेना देना नहीं है वो तो अपना मकसद साधने के लिए कल्याण सिंह का सहारा ले रही है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का 21 अगस्त को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद 22 अगस्त को पीएम मोदी, लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी की मुखिया मायावती समेत कई नेता कल्याण को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे लेकिन मुलायम परिवार और गांधी परिवार ने इससे दूरी बना ली थी। खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का अंतिम संस्कार में शामिल न होना और श्रद्धांजलि देने के उनके आवास न जाना बीजेपी को खटक गया। बीजेपी अब इस मुद्दे को पिछड़ों के अपमान से जोड़कर अपना मकसद साधना चाहती है।
असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर नफरत फैलाना मकसद
भाजपा नेताओं के बयान को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी ने पलटवार किया है। राजेंद्र ने कहा कि भाजपा के लोग केवल नफरत की खेती करते हैं।
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि,
''भाजपा जानबूझकर इस मुद्दे को हवा देना चाहती है। उसे पिछड़ों और कल्याण सिंह से कुछ लेना देना नहीं है। कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी तो गए ही थे। क्या वो पार्टी के प्रतिनिधि नहीं हैं। भाजपा को कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि से कुछ मतलब नहीं है। इसके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने ट्वीट और शोक प्रस्ताव के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं। ये लोग जनता को असली मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह की बातों को हवा देते रहते हैं।''

मोहसीन रजा ने कहा- देश में दो विचारधाराएं, एक राष्ट्रभक्त और एक तालिबानी
हालांकि यूपी सरकार के मंत्री मोहसीन रजा इस मामले को दूसरी तरह से देखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री स्व० कल्याण सिंह की शोक सभा में अपने आपको सेक्यूलर बताने वाले कांग्रेस, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने एक ट्वीट करने की भी ज़हमत नहीं उठाई।वहीं अखिलेश और मुलायम सिंह लखनऊ में रहने के बाद भी शोक सभा मे शामिल नहीं हुए। मोहसीन ने कहा कि देश में दो अलग - अलग विचारधारा दिखाई दे रही है। एक भाजपा की विचारधारा है जो कि राष्ट्रभक्त और रामभक्त की विचारधारा है वहीं दूसरी तरफ़ तालिबानी विचारधारा दिख रही है।

पिछड़ों के नेता का सम्मान अखिलेश यादव बर्दाशत नहीं कर पाए
श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा है कि सपा और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सामान्य शिष्टाचार भी भूल गया है। उन्होंने केवल पिछड़ों, दलितों के वोट लिये हैं लेकिन कभी भी दलितों और पिछड़ों को सम्मान देने का काम नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि समय आने पर सपा और कांग्रेस को दलित समाज इसका जवाब जरूर देगा।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि,
''लखनऊ से लेकर अलीगढ़, अतरौली, नरौरा घाट पर अंतिम संस्कार में जिस तरह से जनसैलाब उमड़ा। उत्तर प्रदेश की सरजमी से जुड़े हुए मुलायम सिंह जिन्हें अपना अभिन्न मित्र मानते थे। 2003 में कल्याण सिंह जी के सहयोग से ही वो मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उनके निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिये मुलायम सिंह, अखिलेश यादव और कांग्रेस के नेतृत्व का कोई नेता नहीं पहुंचा। यह कहीं न कहीं इस बात को दर्शाता है कि पिछड़ों के नेता का सम्मान अखिलेश यादव बर्दाशत नहीं कर पाए।''

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने अखिलेश पर कसा तंज
कल्याण सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में न पहुंचने के मामले को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह भी एक ट्वीट कर अखिलेश पर मुसलमान वोट बैंक के डर से श्रद्धांजलि सभा में शामिल न होने का आरोप लगाया था।
स्वतंत्रदेव ने मंगलवार को ट्वीट किया कि,
''अखिलेश जी अपने आवास से मात्र एक कि.मी. दूर माल एवेन्यू में दिवंगत कल्याण सिंह जी 'बाबूजी' को श्रद्धांजलि देने नहीं आ सके। कहीं मुस्लिम वोट बैंक के मोह ने उन्हें पिछड़ों के सबसे बड़े नेता को श्रद्धांजलि देने से तो नहीं रोक दिया।''

साक्षी महाराज ने कहा- मायावती तो अखिलेश से आगे निकल गईं
कल्याण सिंह के मामले को लेकर विपक्ष और खासतौर से पिछड़े नेता अखिलेश पर पलटवार कर रहे हैं। उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी कहा कि सपा और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपने नैतिक मूल्यों को भूल चुका है। इनसे अच्छी तो बहन मायावती निकल गईं जिन्होंने वहां जाकर अपनी श्रद्धांजलि दी। कल्याण की अंतिम यात्रा में शामिल न होकर अखिलेश और कांग्रेस के नेताओं ने बहुत की घृणित कार्य किया है। दोनों पार्टियों ने दलितों और पिछड़ों का अपमान किया है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए।












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