Agra News: 34 साल बाद आया फैसला, 36 अभियुक्त दोषी करार, जानिए क्या था 'पनवरी कांड '

Panvari Kand Agra Latest News Hindi Uttar Pradesh: आगरा में हुए पनवारी कांड मामले में एससीएसटी कोर्ट ने 34 साल बाद बुधवार को फैसला सुनाया । इस मामले में कोर्ट ने 36 अभियुक्तों को दोषी माना है। कुल 78 अभियुक्त थे जिसमें 16 अभियुक्तों को बरी किया गया, जब 27 अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है। पनवारी कांड की घटना अपने समय की सबसे बड़ी घटनाओं में एक थी। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति थी। आइए जानते हैं क्यों और कैसे यह कांड हुआ था?


पनवारी कांड

बात 1990 की है। आगरा के पनवरी गांव में सब कुछ अच्छा चल रहा था। अनुसूचित जाति के परिवार की बेटी की बरात आनी थी। परिवार में खुशी थी। कुछ लोगों ने बारात चढ़ाने विरोध किया । चोखेलाल जाटव की बेटी मुंद्रा की शादी थी। सदर के नगला पद्मा से रामदीन की बरात आई थी। जाट समाज के लोगों ने बरात चढ़ाने का विरोध किया था। चोखेलाल ने पुलिस से सहायता मांगी। दूसरे दिन पुलिस की मौजूदगी में शादी की रस्म शुरू हुई। गांव के हजारों लोग इसके विरोध में चोखेलाल के घर पहुंच गए और बारात का विरोध शुरू कर दिया । पुलिस को भीड़ रोकने के लिए गोली चलानी पड़ी। जिसमें गांव के सोनी राम जाट की मृत्यु हो गई थी।इसके बाद पूरे जिले में तनाव की स्थिति बन गई।

agra

इस कांड की गूंज दिल्ली तक पहुंची थी। और उस समय विपक्ष के नेता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पनवरी पहुंच पीड़ितों से मुलाकात की थी। उस समय बीजेपी विधायक चौधरी बाबूलाल भी आरोपी थे, जिन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।

जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि ओमपाल राणा ने मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में कोर्ट ने 36 लोगों को दोषी माना है। 30 मई को सजा सुनाई जाएगी।

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