बिहार में NDA से नाता तोड़ने के बाद अब UP में BJP की टेंशन बढ़ाएगी JDU,जानिए कैसे
लखनऊ, 24 अगस्त : उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) की टेंशन बढ़ने वाली है। कुछ दिन पहले NDA का हिस्सा रही जेडीयू (JDU) अब यूपी में अपने विस्तार पर फोकस करेगी। जेडीयू के सूत्रों की माने तो पार्टी बिहार की सीमा से लगे पूर्वी जिलों में अपना आधार मजबूत करने की दिशा में अपने अभियान को और तेज करेगी। जेडीयू के नेताओं की माने तो 2024 में होने वाले आम चुनाव से पहले पूर्वांचल के कई जिलों में वह अपना संगठन मजबूत करेगी ताकि बीजेपी को कड़ी टक्कर दी जा सके। इस काम में पूर्वांचल के बाहुबली धनंजय सिंह जेडीयू के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं।

लखनऊ में दो दिन पहले ही प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल की अध्यक्षता में जदयू प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। पार्टी के नेताओं ने बिहार में जद (यू) और राष्ट्रीय जनता दल की 'महागठबंधन' सरकार का स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी की उत्तर प्रदेश में भी अपने कैडर का विस्तार करने की योजना है।
आम चुनाव से पहले बूथ को मजबूत करने की कवायद
उन्होंने कहा कि, "पार्टी नेताओं को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जिले से बूथ स्तर तक समितियां बनाने का निर्देश दिया गया है। कार्यकर्ताओं को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदर्शों के बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए, जिसमें समावेशी विकास और सामाजिक न्याय शामिल है और कैसे जद (यू) समाजवाद के सिद्धांतों को बढ़ावा देता है। "
लोकसभा चुनाव में यूपी में उम्मीदवार उतारेगी जेडीयू ?
जद (यू) के 2024 के आम चुनावों के दौरान यूपी में उम्मीदवार उतारने की संभावना है। पटेल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की कीमतों में वृद्धि, बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की पीड़ा और व्यापारियों के उत्पीड़न जैसे मुद्दों की विफलता को उजागर करने की कोशिश की जाएगी।
विधानसभा चुनाव में भी उतारे थे प्रत्याशी
सूत्रों की माने तो पार्टी ने 2022 के उत्तर प्रदेश चुनावों में भाजपा के साथ गठबंधन की वार्ता विफल होने के बाद 27 विधानसभा सीटों से उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, वे अपना खाता खोलने में विफल रहे, वोट शेयर का केवल 0.11% मतदान किया। दरअसल चुनाव के दौरान जेडीयू और बीजेपी के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी लेकिन सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। जिसके बाद जेडीयू ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
धनंजय सिंह के सहारे पूर्वांचल साधने की कोशिश
दरअसल जद (यू) ने जौनपुर के पूर्व लोकसभा सांसद धनंजय सिंह, जो अपनी बाहुबल के लिए जाने जाते हैं, को उत्तर प्रदेश में पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है। सिंह ने अपने गृह जिले की मल्हानी सीट से 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन हार मिली थी। हालांकि पूर्वांचल में वह पार्टी का चेहरा हो सकते हैं क्योंकि पूर्वांचल के दबंगों में उनकी गिनती होती है। जौनपुर के अलावा आसपास के कुछ जिलों में वह जेडीयू के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।












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