योगी सरकार में गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों के खिलाफ हुई बड़ी कार्रवाई
बलरामपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 105 विद्यालयों को एक साथ नोटिस जारी कर 28 अप्रैल तक अपना विद्यालय बंद करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश यादव ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों की मदद से बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की एक लंबी फेहरिस्त तैयार कर ली। अब उस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 105 विद्यालयों को एक साथ नोटिस जारी कर 28 अप्रैल तक अपना विद्यालय बंद करने के कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही नोटिस में या स्पष्ट किया गया है कि या तो विद्यालय के मान्यता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं या फिर विद्यालय को बंद कर दिया जाए अन्यथा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर सिटी मांटेसरी स्कूल भोजपुर चौराहा सेंट जीसस पब्लिक स्कूल झौवा, बाबा भीमराव अंबेडकर विद्यालय सोनबरसा, प्रकाश कानवेंट रमवापुर न्यू मॉडर्न पब्लिक स्कूल मुजेहना, जेपी वर्मा पब्लिक स्कूल त्रिलोकपुर, सहित कुल 105 ऐसे ही स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है जो बिना मान्यता के संचालित हैं। बीएसए की इस तरह की कड़ी कार्रवाई की काफी चर्चा है। साथ ही बीएसए ने नोटिस में कड़े शब्दों में कहा है कि या तो 28 अप्रैल तक इन विद्यालयों के संचालक अपना विद्यालय बंद कर दें अन्यथा 28 से पूर्व अपने मान्यता प्राप्त होने के वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें नहीं तो इन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं जानकार बताते हैं कि बीएसए का यह कदम सराहनीय है परंतु जिले में 105 विद्यालय बिना मान्यता के चल रहे थे और शिक्षा विभाग के अधिकारी चैन की नींद सो रहे थे। अचानक ही 105 विद्यालयों की सूची का निकलना शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर ही बड़ा प्रश्न चिह्न लगाता है कि जिन खंड शिक्षा अधिकारियों पर यह जिम्मेदारी थी कि वह अपने क्षेत्र में जांच कर किसी भी ऐसे विद्यालय को चलने ना दें जो गैर मान्यता प्राप्त हो तो इतने विद्यालय जिले में कैसे संचालित थे उन पर किसका रहमो-करम बरसता था, जिसके चलते कई बार छापेमारी का दौर चला और यह बचे रहे।
क्या यह कार्यवाही महज दिखावे के लिए की जा रही है या वास्तव में इन विद्यालयों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बंद करवा पाएंगे और यदि यह विद्यालय बंद होते हैं तो इनमें पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य क्या होगा जिन्होंने इन विद्यालय के स्कूल ड्रेस और किताबें खरीद रखी है?
पूरे मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश यादव ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारियों की मदद से यह सूची तैयार की गई है जिसमें 105 विद्यालय ऐसे पाए गए जो गैर मान्यता प्राप्त हैं। इन विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। 28 अप्रैल तक यदि यह अपने मान्यता के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को संचालकों के विरुद्ध संबंधित थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दे दिए जाएंगे।












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