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'जय गुरुदेव' के आयोजन में दोनों ने की लापरवाही, 25 मौतों के आरोपी गुनहगार गिरफ्तार

दरअसल डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम का गुनाह सामने आने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जय गुरुदेव संस्थान के खिलाफ सख्ती तेज कर दी है। संस्था का ये मामला नौ महीने पुराना है।

वाराणसी। बीते 15 अक्टूबर 2016 को बनारस के राजघाट पुल पर जय गुरुदेव के अनुयायी पंकज बाबा की ओर से आयोजित शोभायात्रा पर एक फैसला सामने आया है। नौ महीने पहले हुई भगदड़ में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी करते हुए मुकदमे में वांटेड चल रहे दो आयोजकों बेचू प्रसाद और यशवंत चौरसिया को जेल भेज दिया है। इस मुकदमे में पांच नामजद के अलावा कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज है तो वहीं तत्कालीन सपा सरकार ने हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की एकल कमेटी बनाकर जांच के आदेश दिए थे। इन घटना में 25 लोगों की मौत हुई थी वहीं 100 के करीब लोग घायल हुए थे। घटना पुल टूटने की अफवाह के कारण हुई थी। यही नहीं इस मामले में पहली कर्रवाई होने के साथ ही अब लोगों को ये उम्मीद जगी है कि जांच कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट दाखिल करने वाली है। जिसके बाद इस मामले में कई सफेदपोश जिम्मेदार लोगों पर बड़ी कर्रवाई जल्दी ही होने वाली है।

Accused of 25 deaths in Jai Gurudev shobha yatra arrested
Accused of 25 deaths in Jai Gurudev shobha yatra arrested

अनुमति से कई गुना ज्यादा पहुंचे थे अनुयायी

दरअसल नशा और मांसाहार के खिलाफ जय गुरुदेव के वर्तमान गद्दीनशीन पंकज बाबा ने वाराणसी के पड़ाव इलाके में सत्संग और शोभा यात्रा के लिए बनारस के बेचू प्रसाद गुप्ता और चंदौली के यशवंत चौरसिया ने आयोजक की भूमिका निभाने के लिए प्रशासन से अनुमति ली थी। जय गुरुदेव के जन्मोत्सव पर आयोजित इस उत्सव में 3 लाख की संख्या में भक्त काशी आए और उन्होंने शोभायात्रा में भाग भी लिया। जैसे ही इसकी यात्रा मालवीय ब्रिज (राजघाट पुल) पर पहुंची किसी ने अफवाह फैला दी कि करीब 100 वर्षों से ज्यादा पुराना पुल अधिक भीड़ होने के कारण टूट गया। जिसके बाद लोग एक दूसरे को रौंदते हुए इधर-उधर भाग निकले। इस भगदड़ में मरने वाले लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा थी।

Accused of 25 deaths in Jai Gurudev shobha yatra arrested

डीएम और एसएसपी पर गिरी थी गाज

इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार ने कर्रवाई करते हुए तत्कालीन डीएम विजय किरण आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि का स्थानांतरण कर दिया था। जबकि इस मुकदमे की विवेचना वाराणसी के सर्किल ऑफिसर कोतवाली काट रहे हैं। वहीं इस घटना की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज राजमणि चौहान की अध्यक्षता में चल रही थी और इस आयोग ने उस वक्त के कई पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अफसरों के बयान भी दर्ज कर लिए है। जिसकी रिपोर्ट आयोग अगले महीने सौंपने वाली है।

Accused of 25 deaths in Jai Gurudev shobha yatra arrested

राम रहीम के बाद कोर्ट के सख्त होने पर की गई कार्रवाई

दरअसल डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम का गुनाह सामने आने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी के सचिव को आदेश जारी किया है कि मथुरा में यूपी एसआईडीसी की जमीन पर जय गुरुदेव धर्म प्रचार संस्थान का अवैध कब्जा खाली कराया जाए। वहीं इस घटना की जानकारी भी यूपी के सभी अधिकारियों को है। ऐसे में अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि कोर्ट ने ये निर्देश इसलिए भी दिया है कि आगे भविष्य में कभी डेरा सच्चा जैसी घटनाएं ना हो।

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