बरेली: महिला ने शरिया कानून के मुताबिक पति को दिया तलाक, मचा हगांमा
बरेली में एक महिला ने अपने पति से प्रताड़ित होने के चलते अपने पति को तलाक दे दिया है। महिला ने निकाह के वक्त मिले हासिल हक के बल पर खुद ही अपने पति को तलाक दिया है।
बरेली में एक महिला ने अपने पति से प्रताड़ित होने के चलते अपने पति को तलाक दे दिया है। महिला ने निकाह के वक्त मिले हासिल हक के बल पर खुद ही अपने पति को तलाक दिया है। यह बरेली जिला का पहला ऐसा मामला है जहां महिला ने परम्परा तोड़ते हुए तलाक दिया है।

देश में हर तरफ से महिलाओं के तलाक की खबरे आ रही वही बरेली के मीरगंज से ऐसी खबर आई है जो आमतौर से कम सुनने मिलती है | मीरगंज के सुजातपुर के रहने वाली सुहाना ने अपने पति जमीर की आदतों से आजिज होकर अपने पति को तलाक दे दिया है। यह तलाक सुहाना बी ने निकाह के वक्त मिले अधिकार तलाक-ए-तफवीज के तहत दिया है। सुहाना बी के अनुसार उनका पति जमीर दहेज़ नहीं मिलने के चलते उसे प्रताड़ित करता था और बेटी होने के चलते तंज कसता है | इसी चलते उसने अपने पति को तलाक दिया है।
सुहाना के वकील काजी जमीर अहमद बताते है कि सुहानी और जमीर का निकाह 22 मार्च 2011 को सुन्नी हनफ़ी मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार हुआ था | जिसके तहत सुहाना को जमीर द्वारा मान सम्मान के एक बेहतर जिंदगी देने का वादा किया था लेकिन जमीर ने सब बातो को किनारे रखते हुए सुहानी बी की जिंदगी को नरक कर दिया | सुहाना बी ने अपने पति को इस्लाम की रौशनी में अपने पति को तलाक दिया है जो जायज है।
सुहाना बी के तलाक के मामले अब यह साफ हो गया है महिलाए परम्परों की डोर से बंधा नहीं रहना चाहती है वल्कि वह अपने हक़ के लिए कानून के साथ सभी बिकल्पों को खुला रखना चाहती है।
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