2005 में हुई थी मां की पिटाई, 13 साल बाद बेटे ने पीटने वाले को मार डाला
मिर्जापुर। यूपी में मिर्जापुर जिले के कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा मोहल्ले से डेढ़ माह से लापता आजम अंसारी के अपहरण और हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी ने 13 वर्ष पूर्व मां की पिटाई का प्रतिशोध लेने के लिए आजम की हत्या कर शव को इलाहाबाद के हंडिया में फेंक दिया था। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बुधवार को पुलिस लाइन में किया।

24 अप्रैल को हुआ था गायब
कटरा कोतवाली क्षेत्र निवासी आजम अंसारी किराना की दुकान चलाता था। 24 अप्रैल की सुबह 11 बजे दुकान से घर जाते समय वह गायब हो गया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पहले गुमशुदगी, उसके बाद अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आजम को बरामद करने के लिए कोशिश में लगी हुई थी, पर किसी को अंदेशा नहीं था कि उसकी हत्या हो चुकी है। सोमवार की शाम को मिर्जापुर पुलिस को वाट्सएप ग्रुप में चल रही एक फोटो मिली। उसकी शिनाख्त आजम के रूप में हुई। तब पता चला कि उसकी हत्या हो गई थी। 25 को उसका शव इलाहाबाद जिले के हंडिया थाना क्षेत्र के सिरसा रोड के किनारे मिला था।

मां की पिटाई के प्रतिशोध में की हत्या
पूछताछ में गिरफ्तार नियाज अहमद ने बताया कि 2005 में आजम अंसारी ने मेरी मां जीनत को मार कर लहुलूहान कर दिया था। प्रतिशोध लेने की आग शांत नहीं हुई थी। 24 अप्रैल को आजम को अपने घर पर बहाने से बुलाया। आजम कुर्सी पर बैठा था। इस दौरान पीछे से आकर उसके गर्दन में गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी। शव को बोरे में छिपाकर रख दिया। रात में भाभी लल्लो, पड़ोसी रजिया और मित्र रमण कुमार उर्फ बाबी को सहयोग के लिए साथ में लेकर कार में शव को रखकर हंडिया क्षेत्र में फेंक दिया।

ये सामान किया बरामद
चारो आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दो मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त गमछा, 300 रुपया नकद, कार को बरामद किया। पुलिस ने आजम के मोबाइल को भी बरामद किया। जिसे नियाज ने हत्या के बाद झाड़ियों में फेंक दिया था। आजम की हत्या तो 24 अप्रैल को उसकी गुमशुदगी वाले दिन ही की गई थी। शव को रात में ठिकाने लगाया गया था। 24 को इमामबाड़ा से कुछ दूर पर स्थित पुतलीघर के पास एक हाता में सामुहिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए हुए थे। सीएम योगी शादी समारोह में थे, इधर आजम की हत्या हो चुकी थी। इस दिन सड़क पर जाम की स्थिति थी इसलिए नियाज शव को घर में ही बोरे में भरकर रखे हुए था। रात होने पर शव को गाड़ी में डालकर दोस्तो के साथ गया।
परिजनों के साथ प्रदर्शन भी करता था
आजम की हत्या करने वाला नियाज उसके परिजनो के साथ उसकी बरामदगी के लिए प्रदर्शन भी करता था। आजम के परिजन मोहल्ले के दूसरे लोगों पर जमीनी विवाद के चलते अपहरण कर आरोप लगा रहे थे। नियाज भी परिजनों के साथ धरना-प्रदर्शन में भाग लेता था। नियाज ने बताया कि बोलचाल होने के कारण आजम के परिजन उसे धरना-प्रदर्शन आदि में चलने की बात कहते थे।












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