बुलंदशहर में गोरक्षकों की डर के वजह से जिंदगी की जंग लड़ रही गाय
लखनऊ। गोरक्षा अब लोगों के भीतर भय पैदा करने लगी है, जी हां गोरक्षा के नाम पर जिस तरह से पिछले कुछ दिनों में कई मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं, उसके बाद अब घायल गायों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाना बड़ी चुनौती बन गया है। यूपी के बुलंदशहर में ज्योति सिंह की गाय को पैर में चोट लग गई है। डॉक्टरों ने गाय को बरेली ले जाने को कहा है, लेकिन मुश्किल ये है कि गोरक्षकों के डर की वजह से गाय को बरेली ले जाने के लिए कोई भी तैयार नहीं है।

ज्योति सिंह गुड़गांव में नौकरी करती थीं लेकिन उन्होंने अपने गांव वापस आकर जैविक खेती करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि उनकी गाय के पैर में तीन हफ्ते पहले चोट लग गई थी, वह गाय को लेकर मवेशी डॉक्टर के पास गई थीं, जहां डॉक्टरों ने उसे बरेली ले जाने की सलाह दी है। ज्योति की गाय मोनी दर्द से तड़प रही है और वह उसकी सेवा कर रही है. लेकिन कोई बी मोनी को बरेली ले जाने के लिए तैयार नहीं है।
ज्योति काफी दुखी हैं और वह कहती हैं कि उन्हें गाय को बरेली ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है, हर कोई गोरक्षकों के डर की वजह से यह जोखिम लेने को तैयार नहीं है। समय के साथ मोनी की तबियत लगातार बिगड़ती जा रही है, हालत यह है कि अब मोनी हिल भी नहीं पा रही है। ज्योति का कहना है कि अगर उनकी गाय को कुछ होता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
अपनी गाय का इलाज कराने के लिए ज्योति ने तमाम अधिकारियों को तकरीबन 114 ट्वीट किए हैं, जिसम उन्होंने पीएम मोदी, योगी आदित्यनाथ, सहित डीएम को भी ट्वीट किया है, लेकिन किसी की भी तरफ से उन्हें मदद के लिए जवाब नहीं आया। ट्विटर पर वह लगातार अपनी गाय को सही करने के लिए अभियान चला रही हैं लेकिन किसी ने भी उनकी मदद की बात नहीं की है।
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