इलाहाबाद HC: सुनवाई के दौरान वकील को आया गुस्सा, जज ने भेजा 3 महीने जेल
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक मामले की बहस कर रहे वकील को ही सजा सुना दी है। हुआ कुछ यूं कि भरी कोर्ट में बहस के दौरान वकील साहब कुछ ज्यादा ही आक्रामक हो गए। यह बात जज साहब को जंची नहीं। फिर तो मामला ही उल्टा पड़ गया। वकील साहब दूसरे को सजा दिलाने की जगह खुद ही सजा पा बैठे। दरअसल वकील साहब के व्यवहार को अदालत ने अपनी अवमानना माना। कोर्ट की अवमानना का दोषी पाए जाने पर वकील को 3 महीने के जेल और दो हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई गई है। साथ ही अदालत ने वकील को दो साल तक उच्च न्यायालय परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

क्या हुआ था?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 10 जनवरी 2017 को न्यायमूर्ति एपी शाही और न्यायमूर्ति संजय हरकौली की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका पर अधिवक्ता अशोक पांडेय बहस कर रहे थे। उनपर आरोप लगाया गया की कोर्ट में वह बहस को लेकर कुछ ज्यादा ही आक्रामक थे और कोर्ट के अंदर गलत व्यवहार करने लगे। जिसे कोर्ट ने अदालत की अवमानना माना।
खंडपीठ ने इस आरोप के साथ शिकायत मुख्य न्यायाधीश के समक्ष कार्यवाही के लिए भेजी दिया जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने आरोपों को सही पाया। अदालत ने अपना फैसला सुनते हुये अशोक पांडेय को ३ माह के कारावास व दो हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही दो साल तक उच्च न्यायालय परिसर मेंप्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। हांलाकि हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 60 दिनों के लिए सजा पर रोक लगा दी है।












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