नोटबैन: दिल्ली के नजफगढ़ में बैंक की लाइन में खड़े व्यक्ति की मौत
देर तक लाइन में लगे रहने से बिगड़ी तबीयत, अचानक जमीन पर गिरा।
नई दिल्ली। दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में बैंक की लाइन में खड़े एक 49 साल के शख्स की मौत हो गई है।इस शख्स को लाइन में अचानक बेहोश होकर गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

नोटबैन की मार जनता पर लगातार जारी है। आज (सोमवार) दिल्ली के नजफगढ़ में काफी समय तक लाइन में लगातार खड़े रहने के कारण एक 49 साल के सतीश की एकाएक तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
मरने वाले उत्तम नगर के रहने वाले सतीश कुमार थे। लाइन में खड़े-खड़े अचानक गिर जाने के बाद सतीश को पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया गया है कि कई घंटे से सतीश लाइन में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
8 नवंबर को पीएम मोदी के 1000 और 500 को नोटों पर बैन के बाद देशभर से 70 से ज्यादा मौतें पिछले दस दिन में हो चुकी हैं, जिनका संबध नोटबैन के फैसले से रहा है। 11 बैंककर्मियों की भी मौत 8 नंवबर के बाद हुई है।
विपक्ष कर रहा है नोटबंदी का भारी विरोध
नीतीश भले ही पीएम के फैसले को सराह रहे हैं लेकिन दूसरे विपक्षी दल इसको लेकर नरेंद्र मोदी पर हमलावर हैं। ज्यादातर विपक्षी दल नोटबैन को जनता पर बेवजह की मार कह रहे हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी फैसले पर अपना विरोध जता चुके हैं, संसंद में भी कांग्रेस नोटबैन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नोट बैन के पर दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर पीएम के फैसले की आलोचना करते हुए पीएम को रिश्वत लेने वाला बताया है। केजरीवाल नोट नहीं पीएम बदलो भी कह चुके हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे एक खराब फैसला बता चुकी हैं। ममता बनर्जी इस मुद्दे पर विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में हैं। वो लगातार सड़कों पर नोटबैन को लेकर प्रदर्शन कर रही हैं।
भाजपा के सहयोगी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस फैसले की कड़ी आलोचना कर चुके हैं। भाजपा सासंद शत्रुघ्न सिन्हा भी नोटबैन के फैसले को लेकर सरकार के होमवर्क में कमी की बात कह चुके हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने 500 और 1000 के नोट को आर्थिक आपातकाल कहा है। वो संसद में पीएम से नोटबैन पर जवाब देने की मांग कर रही हैं।












Click it and Unblock the Notifications