उन्नाव: जिस महिला की हत्या हुई वह दो साल बाद जिंदा वापस लौटी, 14 महीने बाद जेल से बाहर आया बेगुनाह

उन्नाव। खबर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से है, जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। जी हां, पिछले दो साल 2018 से पुलिस फाइलों में मृत चल रही युवती के जिंदा होने का राज खुला तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। इतना ही नहीं, पुलिस ने महिला की हत्या के आरोप में योगेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था, जो जमानत पर बाहर आया हुआ है। इस पूरे घटना क्रम में सबसे खास बात यह है कि वह मृत महिला आज करीब 30 महीने बाद जिंदा मिली है। वहीं, बड़ी बात यह भी है कि अगर यह महिला जीवित है तो उस दौरान मिला शव आखिर किसका था।

 woman returned alive after 2 years in Unnao district

सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जुराखनखेड़ा के रहने वाले योगेंद्र कुमार ने 22 मार्च 2018 को मोहल्ले के प्रमोद वर्मा पर पत्नी को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आठ मार्च 2018 को करीब चार बजे योगेंद्र कुमार उसकी पत्नी को बहला फुसला कर कहीं भगा ले गया है। इस घटना क्रम के 12 दिन बाद 2 अप्रैल 2018 को आसीवन थाना क्षेत्र के शेरपुर कलां गांव के पास एक अज्ञात युवती का जला हुआ शव पुलिस ने बरामद किया था। गांव के प्रधान किशनपाल ने पुलिस को घटना की सूचना दी और हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा कर शव का पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला की जलकर मौत होने की पुष्टि हुई थी। महिला की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने 72 घंटे बाद महिला के शव का अंतिम संस्कार करवाया। उस दौरान कहीं से आसीवन क्षेत्र में योगेंद्र को एक अज्ञात महिला के शव मिलने की सूचना मिलती है, उसके बाद 27 मई 2018 को मृतका की पीएम पोटली, फोटो, कपड़े, चूड़ी आदि देखकर उसके पति योगेन्द्र कुमार, माता गायत्री देवी बहन महिमा, प्रेमा देवी, रमाकान्ती ने योगेन्द्र की पत्नी के रुप में पहचान की थी।

थाना प्रभारी सियाराम वर्मा ने जांच शुरू की। उधर, विवेचना के दौरान निरीक्षक श्यामपाल ने आरोपी के अनुसार महिला का एक दूसरे प्रेमी का नाम प्रकाश में आया। वर्तमान थाना प्रभारी राजेश सिंह ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मृतक महिला उसकी पुत्री गौरी व अन्य परिजनों की कोर्ट से डीएनए कराने की मांग की। डीएनए रिपोर्ट परिवार से मेल नहीं खा रही थी। जिसके बाद पुलिस यह समझ गई कि मृत महिला कोई और है। दरअसल, परिजनों ने पुलिस को एटीएम कार्ड की जानकारी दी तो एसपी ने सर्विलांस टीम को युवती की लोकेशन ट्रेस करने में लगाया।

युवती एक युवक के साथ महाराष्ट्र के अहमद नगर में रहकर जॉब कह रही थी। युवती बीते 11 अक्टूबर को गुपचुप तरीके से महाराष्ट्र से उन्नाव वापसी कर रही थी। 13 अक्टूबर को पुलिस ने युवती की लोकेशन ट्रेस कर कानपुर सेंट्रल स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया और युवती का साथ रहा युवक फरार हो गया। युवती ने बताया कि पति से लड़ाई झगड़े से तंग आकर महराष्ट्र चली गई। वहीं युवती के पति ने दिव्यांग दोस्त प्रमोद वर्मा पर अपहरण कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने जेल भेज दिया था। करीब 14 महीने बाद प्रमोद वर्मा जेल में रहा और बीते माह हाईकोर्ट से जमानत पर जेल से बाहर आया है।

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