Umaria News : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और कान्हा के बीच 100 से अधिक जंगली हाथी सक्रिय
Bandhavgarh Tiger Reserve : बांधवगढ़ के जंगल में सक्रिय जंगली हाथियों का एक झुंड इन दिनों ब्यौहारी शहडोल जिले के जंगल में भी देखा जा रहा है। शहडोल और उमरिया जिले की सीमा पर सोन नदी के किनारे देखे गए जंगली हाथियों में कुछ नए बच्चे भी होने की खबरें सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि सोन नदी के किनारे रेत पर कुछ छोटे बच्चों के पद चिन्ह दिखाई दिए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि जंगली हाथियों ने बच्चों को जन्म दिया होगा।

कान्हा टाइगर रिजर्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बीच 100 से अधिक जंगली हाथी सक्रिय हैं। जिनकी वजह से जंगल से लगे गांवों में ग्रामीणों को खतरा बना रहता है। इसमें सबसे ज्यादा 50 से भी अधिक हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व परिक्षेत्र में हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व के पौंड़ी रेंज में भी 10 जंगली हाथियों का बसेरा हैं। उमरिया जिले से लगी अनपूपुर जिले के पुष्पराजगढ़ की सीम पर भी जंगली हाथियों का हमेशा मूवमेंट रहता हैं जो मौका पाते ही उमरिया जिले के रेग्युलर फारेस्ट के पाली और घुनघुटी रेंज में आ जाते हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ के जंगल व मध्यप्रदेश के मंडला जिले के जंगल में भी जंगली हाथियों का बसेरा रहता है जो इसी रास्ते पर आते जाते रहते हैं।
4 वर्षों से डटे हैं जंगली हाथी
पिछले 4 वर्षों पहले वर्ष 2018 में शहडोल जिला मार्ग से कुछ जंगली हाथी सीधी जिला परिक्षेत्र पहुंच गए थे। सीधी जिले के रेग्युलर फारेस्ट में हाथियों का आतंक को खत्म करने के लिए बांधवगढ़ के रेस्क्यू टीम ने वहां से 2 जंगली हाथियों को रेस्क्यू किया था और उन 2 हाथियों को बांधवगढ़ लाकर उन्हें ट्रेनिंग देकर पालतू हाथी बना दिया। इन 2 हाथियों के आने के बाद बांधवगढ़ में लगातार जंगली हाथी पहुंचने लगे और आज यहां 50 से ज्यादा हाथी अपना स्थायी अड्डा बना चुके हैं।












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