Ujjain news: कार्तिक मेले में बिकने आए गधे और खच्चर, सलमान और आलिया की कीमत 45 हजार पार
(संवाद सूत्र: उज्जैन से विमल बैंडवाल)
धार्मिक नगरी उज्जैन में कार्तिक मास की एकादशी 23 नवंबर से पारंपरिक गधों का मेला शिप्रा तट पर लगाया जाएगा। मेले में पशुओं की खरीदी बिक्री के लिए व्यापारी चार दिन पहले से ही खच्चा और गधों को लेकर यहां पहुंच गए हैं। प्रतिवर्ष यहां प्रदेश के कई जिलों से आने वाले व्यापारी खच्चर और गधों की खरीदी करेंगे।
उज्जैन में नगर में पुराने समय से कार्तिक मेला मैदान के पास बडऩगर रोड पर एकादशी से पूर्णिमा तक पांच दिवसीय गधों व खच्चर का मेला लगता है। प्रतिवर्ष यहां मप्र के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र प्रांतों के व्यापारी पशुओं की खरीदी करने आते हैं। खास बात यह है उम्र के हिसाब से गधों की कीमत लगाई जाती है।

कुछ ऐसे हैं गधों के भाव
व्यापारी गधों को खूब सजा-धजाकर बेचने के लिए मेले में खड़े करते है। दूसरे जिलों से आने वाले व्यापारी मेले के लिए चार दिन पूर्व ही यहां पह़ुंच गए है। गधों के मेले को लेकर महावीर नगर में रहने वाले मुन्नालाल प्रजापति ने बताया कि पहले के समय में वाहन नही होने से प्रजापति समाज के लोग मिट्टी लाने के लिए गधों और खच्चर का उपयोग करते थे, आज भी इनका उपयोग हो रहा है। करीब 45 वर्षो से तो वे गधों का मेला देख रहे। प्रदेश के कई जिलों से यहां पहुंचे गधे और खच्चर की कीमत इस बार 20 हजार से लेकर 45 हजार रूपए तक है। अभी यहां करीब दो सौ जानवर पहुंचे है। एकादशी तक करीब पांच हजार जानवर यहां देखने को मिलेगें।
उज्जैन में लगता है कार्तिक मेला
उज्जैन में लगने वाले कार्तिक मेले में दुनियाभर से लोग शामिल होने आते हैं, जहां इस मेले में कई तरह की वस्तुएं व्यापारी बेचने के लिए लाते हैं। उज्जैन में लगने वाला कार्तिक मेला देश और दुनिया में बेहद प्रसिद्ध है। वहीं कार्तिक मेले में पशुओं की खरीददारी भी बड़ी मात्रा में होती है। वहीं अबकी बार भी कार्तिक मेले में गधों और खच्चरों की बड़ी संख्या बिकने के लिए लाई है। वहीं अबकी बार की व्यापारियों को कार्तिक मेले में अच्छा खासा व्यापार होने की संभावना जताई जा रही है।
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