MP News: उज्जैन के तराना में बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस के पावर कोच में लगी आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना में रविवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब बीकानेर से बिलासपुर जा रही बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस (20846) के जनरेटर डिब्बे (SLR कोच) में अचानक आग लग गई।
ट्रेन में आग की लपटों और धुएं का उठना यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का कारण बन गया। यह घटना उस समय घटी, जब ट्रेन काली सिंध नदी के ब्रिज पर थी। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और इस घटना में किसी भी यात्री को नुकसान नहीं हुआ।

कांच तोड़कर बुझाई आग
आग लगने के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ यात्री और रेलवे कर्मचारी कोच के कांच तोड़कर और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ट्रेन के भीतर घना धुआं फैलने के बाद यात्री घबराए हुए थे, लेकिन रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से आग को बढ़ने से रोक लिया गया। जल्द ही आग वाले कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया और फिर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
काली सिंध ब्रिज पर हुआ हादसा
स्थानीय ग्रामीण मुकेश रावल ने बताया, "जब ट्रेन काली सिंध नदी के ब्रिज पर थी, तभी पावर कोच से धुआं उठने लगा। इसके कुछ ही मिनटों में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। सूचना मिलने पर हम लोग मौके पर पहुंचे और रेलवे कर्मचारियों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की।" इसके बाद तराना रोड स्टेशन से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी बुलाई गईं, जिन्होंने आग पर पूरी तरह काबू पाया।
रेलवे का बयान, कोई यात्री घायल नहीं
रेलवे के पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया, "बीकानेर से बिलासपुर जा रही यह ट्रेन शाम करीब 5:30 बजे तराना रोड स्टेशन से पहले काली सिंध ब्रिज पर थी, जब इसके पावर कोच में आग लग गई। तत्काल कार्रवाई करते हुए कोच को ट्रेन से अलग किया गया। आग बुझाने के बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है।" तराना रोड स्टेशन मास्टर ने भी पुष्टि की कि आग पूरी तरह बुझा ली गई है और स्थिति नियंत्रण में है।
उज्जैन से मंगाया नया पावर कोच
आग लगने के बाद ट्रेन को तराना स्टेशन पर रोक दिया गया था। फायर ब्रिगेड और रेलवे कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन क्षतिग्रस्त पावर कोच को हटाने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए नया कोच मंगाना पड़ा। इसके लिए उज्जैन रेलवे स्टेशन से एक नया पावर कोच भेजा गया, और शाम 6:32 बजे ट्रेन को भोपाल की ओर रवाना किया गया। इस दौरान यात्रियों को थोड़ी देर इंतजार करना पड़ा, लेकिन हालात सामान्य रहे।
सोशल मीडिया पर चर्चा
आग लगने का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, "ट्रेन में आग लगना कोई छोटी बात नहीं है, रेलवे को अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।" वहीं, कई लोगों ने ग्रामीणों और कर्मचारियों की तारीफ की, "समय रहते आग बुझा ली, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।" इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल भी खड़े किए हैं।
क्या थी वजह?
आग लगने की असल वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। रेलवे अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के दौरान शॉर्ट सर्किट को इसके कारण के रूप में बताया है। विस्तृत जांच के बाद ही आग लगने की सही वजह सामने आ सकती है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस को हवा दी है।
हादसा टला, सवाल बाकी
हालांकि यह घटना एक बड़े हादसे में नहीं बदली, लेकिन यह रेलवे के लिए एक गंभीर चेतावनी जरूर साबित हुई है। तराना में हुई इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया कि आपातकालीन स्थिति में स्थानीय ग्रामीणों और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता बहुत महत्वपूर्ण होती है। अब यह देखना होगा कि रेलवे इस घटना से क्या सबक लेता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।












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