MP Assembly Election: टिकट ना मिलने से साधु-संत नाराज, इस दल के खिलाफ खोला मोर्चा
(संवाद सूत्र: उज्जैन से विमल बैंडवाल)
MP Assembly Election 2023 को लेकर साधु संतों भी अब एक्टिव नजर आ रहे हैं, जहां संत समाज ने BJP के खिलाफ हुंकार भरी हैं। मक्सी रोड स्थित अवधेश धाम के महंत के नेतृत्व में संतों ने भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा है। इस दौरान महामंडलेश्वर सुमन आनंद महाराज भी मौजूद रहे।
विधानसभा चुनाव में संतों को टिकिट नहीं देने से नाराजगी है। उज्जैन उत्तर और दक्षिण विधानसभा सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का आह्वान किया है, जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि नजदीक आ रही है, दावेदार अपनी दावेदारी पूरी ताकत से कर रहे है।

ये है संतों की मांग
एक ओर कांग्रेस ने प्रदेश में अपने 4 टिकिट बदल दिए हैं, तो वहीं अब भाजपा से टिकिट बदलाव के लिए सन्तो ने हुंकार भरी है। बुधवार को मक्सी रोड स्थित अवधेश धाम आश्रम में महंत अवधेश पुरी महाराज के नेतृत्व में संतों ने भाजपा के खिलाफ हल्ला बोला। संतों का आरोप है कि, भारतीय जनता पार्टी हिंदू धर्म की हितेषी पार्टी बनती है। परंतु पूरे मध्य प्रदेश में किसी भी सीट पर एक भी संत को चुनाव में नहीं लड़ा रही है। यहां सन्तो ने शिप्रा नदी में मिल रहे गन्दे नाले, गायों की मौत, सिहस्थ भूमि सुरक्षित करना और महाकाल मन्दिर में दर्शन पर शुल्क का विरोध किया गया। यहां सन्तो ने उज्जैन उत्तर और दक्षिण विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया गया है।
संतों ने कही ये बात
संतों ने यह भी कहा कि, ऐसे मुद्दे जो सनातन धर्म से जुड़े हैं, और भाजपा सरकार 20 वर्षों से हल नहीं कर पाई है। यदि उन्हें तत्काल हल करने का आश्वासन दिया जाता है, तो वह चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे। धार्मिक नगरी के विकास एवं सनातन की रक्षा के लिए अब संत निर्दलीय चुनाव लडेंगे। संतों का कहना है कि भाजपा के 20 वर्षों के शासनकाल में सिंहस्थ क्षेत्र में अतिक्रमण क्यों हुआ? उज्जैन पवित्र नगरी घोषित क्यों नहीं हुई? गौमाता मरने पर मजबूर क्यों है? माँ क्षिप्रा मैली क्यों? महाकाल मन्दिर में भक्तों से दर्शन शुल्क क्यों? महाकाल में वीआईपी का सम्मान व सन्तों का अपमान क्यों?
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