Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन में लगेगा कितना समय, कैसी है व्यवस्था, जानिए
मध्यप्रदेश के उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशानुसार उज्जैन जिला प्रशासन महाशिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संपूर्ण रूप से तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सभी प्रमुख मंदिरों का सतत निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे है।
कलेक्टर सिंह द्वारा मंगलवार दोपहर निरीक्षण के दौरान कालभैरव मंदिर के सामने वाली पार्किंग को महाशिवरात्रि के पर्व पर पूर्णता बंद रखने के निर्देश काल भैरव मंदिर व्यवस्था प्रभारी डिप्टी कलेक्टर सरिता लाल को दिए।

कलेक्टर सिंह ने मंदिर पर श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त छांव,पानी, शौचालय, श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित दर्शन संचालन, पानी के टैंकर,अस्थाई चिकित्सालय ,वृद्ध एवं दिव्यागजनों आदि व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने श्री महाकाल मंदिर दर्शन व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर श्री सिंह ने श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं प्रकाश, पीए सिस्टम, प्रत्येक 100 मीटर पर पेयजल, पार्किंग, मीडिया व्यवस्था , जूता स्टैंड, पानी के टैंकर, अग्निशमन की व्यवस्था, इलेक्ट्रिक ऑडिट, श्रद्धालुओं के लिए तैयार मार्ग का निरीक्षण, कर्कराज पार्किंग पर व्यवस्था, 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम आदि व्यवस्थाओं के सुव्यवस्थित संचालन के निर्देश ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को दिए। कलेक्टर सिंह ने श्रद्धालुओं के लिए चिह्नित मार्ग पर पैदल चल कर भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि, श्रद्धालुओं के दर्शन 1 घंटे के अंदर होंगे।
सतत 44 घंटे होंगे भगवान के दर्शन
मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती होगी। बुधवार सुबह 7.30 से 8.15 बजे तक दद्योदक (बालभोग) आरती होगी। सुबह 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती होगी। दोपहर 12 बजे तहसील की ओर से भगवान महाकाल की शासकीय पूजा होगी। शाम 4 बजे से होलकर व सिंधिया राजवंश की और से पूजा अर्चना की जाएगी। शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक कोटेश्वर महादेव का पूजन व सेहरा श्रृंगार होगा। रात 11 बजे से गर्भगृह में महाकाल की महापूजा होगी, जो सारी रात चलेगी। गुरुवार सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सेहरा दर्शन होंगे। दोपहर 12 बजे साल में एक बार दिन में भस्म आरती होगी। दोपहर 2 बजे बालभोग व भोग आरती होगी। रात 11 बजे शयन आरती के बाद पट बंद होंगे।
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