उज्जैन महाकाल का खजाना : भस्मआरती शुरू होते ही बढ़ा दान, 110 दिन में आए 23 करोड़
उज्जैन, 18 अक्टूबर। कोरोना महामारी के चलते देश में धार्मिक स्थान बंद रहे। इसके बावजूद मंदिरों के खजाने में खूब धन आया। भक्त लाइन बुकिंग, दर्शन व प्रसाद चढ़ाने की सुविधा का लाभ उठाने से भी पीछे नहीं रहे। फिर कोरोना गाइडलाइन के तहत श्रद्धालुओं का धार्मिक स्थानों पर प्रवेश शुरू हुआ तो खजाना भरते देर नहीं लगी।

इस बात का उदाहरण है मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर। यहां महज 110 दिन में 23 करोड़ से ज्यादा का दान आया है। इनमें भस्मआरती बुकिंग के 3.87 करोड़ रुपए भी शामिल हैं।
उज्जैन जिला कलेक्टर आशीष सिंह बताते हैं कि महाकाल के खजाने में 28 जून से 15 अक्टूबर के बीच 23 करोड़ रुपए आए हैं। इनमें लड्डू प्रसाद से 8.20 करोड़ रुपए मिले हैं जबकि लड्डू बनाने में ज्यादा राशि खर्च हुई है।
इसलिए कह सकते हैं कि महाकाल मंदिर में 23 करोड़ रुपए का दान आया है यह आय नहीं है, क्योंकि एक किलोग्राम लड्डू प्रसाद बनाने में 300 रुपए की लागत आती है जबकि यह भक्तों को 260 रुपए में उपलब्ध करवाया गया।
बता दें कि कोरोना महामारी के कारण 17 मार्च 2020 से लेकर 11 सितम्बर 2021 तक भस्मआरती के समय श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया था। भस्मआरती के समय प्रवेश बंद होने से श्रद्धालुओं की संख्या कम ही रही और दान भी सीमित रहा।
अब भस्मआरती के समय श्रद्धालुओं को प्रवेश देने लगे हैं। रोजाना एक हजार श्रद्धालु प्रवेश पा रहे हैं। ऑनलाइन परमिशन वालों से सौ रुपए और ऑफ लाइन वालों से 200 रुपए दान के रूप में लिए जा रहे हैं।












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