हिंदू प्रेमिका ने मुस्लिम प्रेमी को भाई बताकर महाकाल मंदिर में दिलाई एंट्री, मंत्र पढ़ने में अटका तो पकड़ा गया
उज्जैन, 16 दिसम्बर। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाकाल मंदिर) की भस्म आरती में हिंदू बनकर प्रेमिका के साथ मुस्लिम युवक के घुसने के मामले में पुजारी व निजी गार्डों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। साथ ही पुलिस पूछताछ में मुस्लिम युवक व हिंदू युवती की पूरी प्रेम कहानी सामने आई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था।

मोहम्मद युनूस मुल्ला कर्नाटका निवासी
बता दें कि युवती खुशबू यादव मुम्बई की रहने वाली है जबकि उसका प्रेमिका मोहम्मद युनूस मुल्ला कर्नाटका निवासी है। इसने अभिषेक दुबे के नाम से भी आधार कार्ड बनवा रखा था। दोनों मंगलवार सुबह महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की भस्म आरती में घुस गए थे।

हरकतों से कर्मचारियों को शक हुआ
मुस्लिम प्रेमी और हिंदू प्रेमिका ने धोखे से मंदिर में एंट्री तो पा ली, मगर मोहम्मद युनूस मुल्ला महाकाल मंदिर की भस्म आरती में यूनुस सबसे आगे की कतार में बैठा था, लेकिन उसकी हरकतों से कर्मचारियों को शक हुआ। वह हिंदू रीति-रिवाजों का पालन ठीक ढंग से नहीं कर पा रहा था। मंत्र पढ़ने में भी वह अटक रहा था।

आधार कार्ड की फोटो से चेहरा नहीं मिला
इस पर मंदिर कर्मचारियों ने उसे पकड़कर पूछताछ की। आधार कार्ड की फोटो से चेहरा नहीं मिला। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि उसके पास मिला अभिषेक दुबे नाम का आधार कार्ड किसी दोस्त का है। जांच में हकीकत सामने आ गई। इस पर उन दोनों को महाकाल थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

युवती को हिरासत में लिया
CSP पल्लवी शुक्ला ने बताया कि मंदिर समिति से सूचना मिलने के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि युवती को हिरासत में लिया। पुलिस ने युवती के पेरेंट्स को उज्जैन बुलाया है। खुशबू ने खुद को मुंबई में फैशन डिजाइनर बताया है। उसका कहना है कि यूनुस उसका वर्कर है। बुधवार सुबह की भस्म आरती में यूनुस ने अभिषेक दुबे नाम से बुकिंग कराई थी।

होटल मालिक ने कमरा देने से मना कर दिया
पुलिस जांच में पता खुशबु ने यूनुस को अपना भाई बताकर एंट्री दिलाई थी। कर्मचारियों के पूछने पर भी युवती उसे अपना भाई ही बताती रही। जब यूनुस का असली आधार कार्ड सामने आया तो हकीकत सामने आई। पुलिस ने आरोपी पर धारा 420 में केस किया है। यूनुस व खुशबू महाकाल मंदिर के नजदीक होटल में भी रुकना चाह रहे थे। यहां पर दोनों ने अपने असली आधार कार्ड दिखाए। इसके बाद होटल मालिक ने दोनों को अपने यहां कमरा देने से मना कर दिया था।

तीन गार्डों की सेवा समाप्त
मीडिया से बातचीत में मंदिर समिति प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने कहा कि यह मामला धर्म छुपाकर धोखाधड़ी करने का है। इसीलिए आरोपी युवक को पुलिस को सौंप दिया है। इधर, मंदिर प्रबंध समिति ने निजी सुरक्षा एजेंसी के तीन गार्डों की सेवा समाप्त कर दी है।

पुजारी को 24 घंटे का कारण बताओ नोटिस
महाकाल मंदिर प्रशासक धाकड़ के अनुसार मंगलवार को गार्डों ने बिना रसीद VIP वाले गेट से कुछ श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया था। CCTV में यह घटना सामने आई है। इसके बाद समिति ने तीन गार्डों की सेवा समाप्त कर दी है। मामले में परमिशन बनवाने वाले पुजारी गणेश नारायण शर्मा को 24 घंटे का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है।












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