बाबू निकला धनकुबेर : 26 साल की नौकरी में 35 लाख वेतन पाने वाले के पास मिली करोड़ों की सम्पत्ति
उज्जैन, 9 मार्च। नौकरी लिपिक की और ठाठ-बाट रईसों की तरह। इसका खुलासा EOW के छापे में हुआ है। लिपिक के पास बेशकीमती जमीन, लग्जरी कार, ट्रैक्टर, आलीशान बंगला मिला है। यही नहीं बल्कि घर से 34 हजार रुपए की नकदी भी मिली है। लिपिक धर्मेंद्र चौहान मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में महाराज वाड़ा स्कूल क्रमांक 2 में पोस्टेड है। EOW की शुरुआती जांच में लिपिक के घर बेनामी सम्पत्ति होने का रिकॉर्ड मिला है।

यूको बैंक में है एक लॉकर
EOW की टीम बुधवार सुबह उज्जैन में शिक्षा विभाग के लिपिक धर्मेंद्र चौहान के अंकपात मार्ग स्थित निवास पर छापा मारा। प्राथमिक जांच में चौहान के घर से 34 हजार की नकदी, महालक्ष्मी कॉलोनी में आलीशान मकान, बड़नगर स्थित ग्राम धरेड़ी में करोड़ों की जमीन, ट्रैक्टर, थ्रेशर मशीन, स्कार्पियों व स्विफ्ट कार के साथ यूको बैंक में लॉकर का रिकॉर्ड मिला।

लॉकर खुलने पर सामने आएगी असलियत
EOW एसपी दिलीप सोनी ने बताया कि लिपिक के घर छापे में बेनामी संपत्ति का रिकॉर्ड मिला है। लॉकर खुलने के बाद उसकी वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। मामले में संबंधित पर अनुपातहीन केस दर्ज किया जाएगा।

750 रुपए वेतन पर अनुकंपा नियुक्ति हुई
टीम को धर्मेंद्र चौहान के सर्विस रिकॉर्ड से पता चला कि चौहान के पिता अंतरसिंह शिक्षक थे। उनकी मौत के बाद धर्मेंद्र की साल 1994 में 750 रुपए वेतन पर अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। तब से लेकर अब तक उसे करीब 35 लाख रुपए वेतन मिला है। जबकि वह अथाह सम्पत्ति का मालिक है।

26 साल की नौकरी में 35 लाख वेतन
शुरुआती तलाशी में ही उसके पास से करोड़ों की चल अचल संपत्ति मिली है, जबकि उसे 26 साल की नौकरी में वेतन करीब 35 लाख रुपए मिला है। पूरी जांच के बाद संपत्ति कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। EOW के अनुसार धर्मेंद्र चौहान साल 2005 से 2010 तक जिला पंचायत में अध्यक्ष का PA भी रहा है। संभवतया बेनामी संपत्ति उसने उसी दौरान अर्जित की है। जांच के बाद संपत्ति के और भी रिकॉर्ड मिलने की उम्मीद है। EOW की विस्तृत जांच में पूरी संपत्ति का खुलासा होने की उम्मीद है।












Click it and Unblock the Notifications