Gulab Chand Kataria Governor Assam: उदयपुर ने 5वीं बार दिया राज्यपाल, गुलाब चंद कटारिया की जीवनी
असम के नए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया उदयपुर के हिरणमगरी के रहने वाले हैं। यह पांचवां मौका है जब उदयपुर को कोई व्यक्ति किसी प्रदेश का राज्यपाल बना है।

Gulab Chand Kataria Biography in Hindi: राजस्थान भाजपा के दिग्गज नेता व राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाया गया है। उदयपुर शहर सीट से साल 2003 विधायक गुलाबचंद कटारिया राजस्थान सरकार में गृह मंत्री व एक बार सांसद भी रह चुके हैं। राजस्थान में उदयपुर वो शहर है, जिसने कटारिया से पहले भी चार राज्यपाल दिए हैं। गुलाब चंद कटारिया पांचवें हैं।

अब नेता प्रतिपक्ष कौन होगा
गुलाब चंद कटारिया के असम का राज्यपाल बनने से राजस्थान भाजपा की सियासी तस्वीर बदलना तय है। सबसे बड़ा सवाल तो ये ही राजस्थान विधानसभा में अब नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।
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गुलाब चन्द कटारिया की जीवनी
- जन्म - 13 अक्टूबर 1944
- पार्टी - भाजपा
- पत्नी - अनिता कटारिया
- बच्चे- पांच बंटियां
- निवास- 141 मचला मार्ग, हिरमगरी, सेक्टर 11 उदयपुर
- धर्म- जैन

गुलाब चंद कटारिया का राजनीतिक जीवन
- राजस्थान भाजपा के दिग्गज नेता गुलाब चंद कटारिया ने अब तक 11 चुनाव लड़े हैं, जिनमें से 9 में जीत दर्ज की है।
- निजी स्कूल में शिक्षक रहे गुलाब चंद कटारिया ने राजनीतिक सफर युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष के तौर से शुरू किया था।
- आरएसएस से भी जुड़े रहने वाले गुलाब चंद कटारिया पहली बार साल 1977 में उदयपुर शहर सीट से विधायक चुने गए थे।
- साल 1998 में गुलाब चंद कटारिया ने उदयपुर छोड़कर सादड़ी से चुनाव जीता था।
- गुलाबचंद कटारिया राजस्थान में भाजपा सरकारों में शिक्षा मंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सहित दो बार राजस्थान के गृहमंत्री रहे हैं।
- राजस्थान की राजनीति में लंबे अनुभव रखने वाले गुलाब चंट कटारिया भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

उदयपुर से ये बने राज्यपाल
सादिक अली, पूर्व राज्यपाल
उदयपुर के सादिक अली साल 1977 से 1980 तक महाराष्ट्र और तमिलनाडु के राज्यपाल रहे हैं। वे लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य रहे। स्वतंत्रता सेनानी रहते वे कई बार जेल भी गए।
मोहनलाल सुखाडिया, पूर्व राज्यपाल
राजस्थान में सबसे लंबे कार्यकाल करने के बाद कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के राज्यपाल रहे।
सुंदरसिंह भंडारी, पूर्व राज्यपाल
अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी सरकार में राज्यपाल गया था। जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता भंडारी को 1998 में बिहार और 1999 में गुजरात का राज्यपाल बनाया गया।
अरविंद दवे, पूर्व राज्यपाल
साल 1999 से 2003 तक अरुणाचल प्रदेश, 2003 से 2004 तक मणिपुर, 2002 में मेघालय और 2003 में असम के राज्यपाल रहे। वे सन 1997 से 1999 तक कारगिल जंग और भारत के परमाणु कार्यक्रम ऑपरेशन शक्ति के दौरान रॉ के प्रमुख रहे थे।












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