केरल सरकार ने सबरीमाला मंदिर को लेकर बांटी गई विवादित पुस्तिका वापस ली, जानिए पूरा विवाद
Sabriwmala Temple: केरल के लोकप्रिय सबरीमाला मंदिर में प्रवेश को लेकर जिस तरह से विवादित पुस्तिका को जारी किया गया था, उसको लेकर भारी विरोध हुआ है। लोगों के भारी विरोध के बीच केरल की एलडीएफ सरकार ने इस पुस्तिका को वापस ले लिया है। इस पुस्तिका को प्रदेश के गृह मंत्रालय की ओर से पुलिसकर्मियों को बांटा गया था, जिसमे कहा गया था कि सभी भक्तों को मंदिर के भीतर सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2018 के आदेश के अनुसार जाने की अनुमति है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी के भारी विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने इस पुस्तिका को वापस ले लिया। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश सरकार गलत इरादे से इस पुस्तक को लोंगो को बांट रही है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर के भीतर जाने की अनुमति है, लेकिन बावजूद इसके मंदिर अपनी पुरानी परंपरा का पालन कर रहा है और 10-50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर के भीतर प्रवेश नहीं दे रहा है। मंदिर की मान्यता है कि भगवान अयप्पन बाल ब्रह्मचारी हैं। प्रदेश सरकार ने शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महिलाओं को मंदिर में जाने देने की कोशिश कर रही थी, लेकिन भारी विरोध के बीच प्रदेश सरकार ने अपने कदम पीछे कर लिए। इसके बाद से ही प्रदेश सरकार इस पूरे मुद्दे के संवेदनशीलता से संभाल रही है।
गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को हैंडबुक बांटी गई थी, लेकिन भाजपा के प्रदर्शन के बीच गुरुवार की सुबह इसे वापस ले लिया गया। प्रदेश सरकार के मंत्री के राधाकृष्णन ने पत्रकारों को बताया कि सबरीमाला मंदिर को लेकर जारी किए गए निर्देश को वापस ले लिया गया है। उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया सरकार के इसके पीछे कोई गलत इरादा नहीं है। अगर निर्देश में कोई खामी है तो उसे वापस लिया जाएगा। साथ ही मंत्री ने एडीजीपी एमआर अजीत कुमार से इस पूरे मामले में हुई लापरवाही को लेकर सफाई मांगी है। अधिकारी ने इस बात को स्वीकार किया है कि लापरवाही के चलते यह गलती हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नई हैंडबुक को बांटा जाएगा।












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