'मेरी शादी कराओ, जिससे करूंगा वो लड़की नहीं लड़का है', बेटे की बात सुनकर मां-बाप के उड़ गए होश
सूरत। गुजरात में एक लड़के ने अपने मां-बाप से कहा कि मेरी विदेश जाने की इच्छा है। मां-बाप पूछे जाने पर उसने जवाब दिया कि मैं विदेश में ही किसी अच्छे लड़के से शादी कर लूंगा। मां-बाप ने फिर गंभीर होकर पूछा कि क्या कोई लड़की नहीं मिली? तब उसने कहा नहीं! मुझे लड़की से नहीं लड़के से शादी करनी है।
बेटे की यह बात सुनकर मां-बाप दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। वे बेटे के इस फैसले से भौचक्के भी रह गए। यह चर्चा पहले तो मोहल्ले में हुई फिर धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैल गई।

बेटा बड़ा हुआ तो मां-बाप को पता चली उसकी ये बात
संवाददाता के अनुसार, यह मामला ड्रेस मटीरियल के व्यवसाय से जुड़े सिंधी परिवार का है। जहां बेटे मुकेश (नाम बदला हुआ है) को जवान होते-होते महिला में नहीं बल्कि पुरुषों के प्रति आकर्षण होने लगा। खुद को अन्य युवकों से अलग तरह का होने का समझकर उसने तय कर लिया कि वह विदेश जाएगा और किसी विदेशी लड़के से ही ब्याह कर लेगा। वहीं, उसके मां-बाप चिंतिंत हो उठे। उन्हें डर लगने लगा कि बेटे के ऐसा किए जाने वे समाज को क्या कहेंगे? वे और उनके रिश्तेदार उसे समझाने का प्रयास करने लगे। मां-बाप का उससे कहना था कि यदि तुम लड़के से शादी कर लोगे तो बुढ़ापे में हमारा ख्याल कौन रखेगा? हमें दादा-दादी कौन बनाएगा?

विदेश में बसने की इच्छा राजस्थान में पूरी हुई
जिसके बाद मुकेश ने कहा, मेरे पास इसका भी तोड़ है! उसने कहा कि मैं फेसबुक पर शादी करने के लिए इच्छुक लेस्बियन लड़की खोजूंगा। यह कहकर वह खोज में जुट गया। पूछे जाने पर उसने कहा कि मैं ऐसा लेस्बियन पार्टनर तलाश रहा हूं जो मेरी ही तरह माता-पिता की इच्छा पूरी करने व शादी करने के लिए तैयार हो जाए। आखिर में उसे एक राजस्थानी लड़की मिली। रिंकी (नाम बदला हुआ है) नामक यह लड़की भी मुकेश की तरह अपने माता-पिता को खुश करने के लिए शादी करना चाहती थी।

फिर, उसे बना लिया लाईफ पार्टनर
दोनों में बात हुई और फिर मिलकर तय किया कि, नॉर्मल लड़के-लड़की की जिंदगी बर्बाद करने से बेहतर है कि, वो दोनों शादी कर लें। समाज की नजर में दोनों पति-पत्नी की तरह रहेंगे। हालांकि, अपनी मर्जी के पार्टनर से अपने-अपने सजातीय संबंध जारी रखेंगे। समझौते के तहत कुछ समय पहले ही दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। अब दोनो IVF के द्वारा बच्चे को जन्म देने की सोच रहे हैं। इस प्रकार दोनों माता-पिता को दामाद और बहू देने के साथ ही दादा-दादी और नाना-नानी बनने की खुशी देने को उतावले हैं।












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