सूरत में बढ़ रहे ब्लैक फंगस वाले मरीज, एक ही हॉस्पिटल में म्यूकोरमाइकोसिस के ऑपरेशन 400 पार
सूरत। गुजरात में कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित सूरत जिले के लोग अब ब्लैक फंगस (म्यूकोरमाइकोसिस) का ज्यादा शिकार हो रहे हैं। यहां सूरत न्यू सिविल हॉस्पिटल में ऐसे मरीजों के ऑपरेशन का आंकड़ा 400 को पार कर गया है। जिनमें से 158 मेजर ऑपरेशन हुए, जिसमें 19 की आंख तथा 30 से अधिक मरीजों के जबड़े निकालने पड़े। बीते गुरुवार की बात की जाए तो म्यूकोरमाइकोसिस के 3 नए मरीज और भर्ती हुए। इनके अलावा 8 मरीज स्वस्थ हुए।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, फिलहाल सूरत के दोनों सरकारी अस्पतालों में 57 मरीज भर्ती हैं। अब तक 472 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। न्यू सिविल में एक और स्मीमेर अस्पताल में बुधवार को दो नए मरीज भर्ती हुए। ईएनटी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि, जिले में अब तक म्यूकोरमाइकोसिस के बहुत से मरीज मिल चुके हैं। फिलहाल यह संख्या घट रही है। मरीजों की संख्या घटने के बाद अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के कई वार्ड बंद किए हैं। हाल में एक वार्ड में ही मरीज भर्ती है।
आनंद कुमार ने बताया कि, अब तक न्यू सिविल में 401 म्यूकोरमाइकोसिस मरीजों का ऑपरेशन किया गया है। जिसमें 158 मेजर तथा अन्य माइनर ऑपरेशन शामिल हैं। जिसमें भी 19 मरीजों के आंख निकालने का ऑपरेशन किया गया। वहीं, 30 से ज्यादा मरीजों के जबड़े निकालने का ऑपरेशन किया गया। बुधवार को भी एक मरीज का ऑपरेशन किया गया।

बहुत महंगा है इस रोग का इलाज
सूरत के किरण अस्पताल के मथुर सवाणी ने कहा कि, सूरत शहर के अलावा राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से रोगी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि, म्यूकॉरमाइकोसिस के मरीजों को रोजाना लगने वाले इंजेक्शन की कीमत ही 30 से 35 हजार रुपए होती है। इसके अलावा अस्पताल के दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं। कुल मिलाकर, ब्लैक फंगस का इलाज काफी महंगा है, जिससे साधारण रोगी की कमर टूट जाती है। इसलिए, हमारे यहां इलाज खर्च दे पाने में अक्षम रोगियों के लिए एक-एक लाख रुपए सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया।''












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